हिमाचल के कुल्लू और मनाली के 1700 होटलों की जांच को लेकर एनजीटी ने बड़ा फैसला लिया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कुल्लू एवं मनाली में 1700 से अधिक होटलों, लॉज और ठहरने के स्थानों की जांच के लिए वीरवार को एक समिति का गठन किया।
ये शहर अपनी मनोहर प्राकृतिक छटा के लिए मशहूर हैं। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अगुवाई वाली पीठ ने राज्य पर्यटन विभाग एवं हिमाचल राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से वरिष्ठ अधिकारियों,
शिमला स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन स्टडीज से वैज्ञानिकों, कुल्लू एवं मनाली के एसडीएम और आबकारी विभाग से एक प्रतिनिधि को शामिल करते हुए समिति का गठन किया।
पीठ ने कहा, ‘उक्त समिति अगले सप्ताह सोमवार से जांच शुरू करेगी और सभी होटलों, लॉजों एवं ठहरने की जगहों की जांच करेगी।’ पीठ ने कहा, ‘हालांकि वे ऐसे होटलों के खिलाफ पहले कार्रवाई करेंगे जिनके पास किसी भी श्रेणी में 25 से अधिक कमरे मौजूद हैं।’
मामले पर पीठ ने ये कहा
पीठ ने कहा, ‘अगर कोई भी प्रथम श्रेणी होटल, लॉज, ठहरने का स्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के बिना संचालित हो रहा है या वन क्षेत्र में स्थित पाया जाता है तो उसे तुरंत बंद करने और सभी अधिकारियों द्वारा विपंजीकृत करने का आदेश दिया जाएगा।’
इसने कहा कि समिति पर्यावरण संरक्षण की सिफारिशों के साथ हिमाचल प्रदेश सरकार को रिपोर्ट जमा करेगी, साथ ही यह सुनिश्चित करेगी कि ये भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा संभावित क्षेत्र में नहीं हैं।
यह आदेश मनाली के रहने वाले रमेश चंद की ओर से दायर एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया है। रमेश ने इन्हें बंद करने की मांग करते हुए याचिका में आरोप लगाया कि कई होटलों का अवैध निर्माण हुआ और वे अधिकारियों से मंजूरी के बगैर संचालित हो रहे हैं।
पूर्व मंत्री की पत्नी के होटल की निशानदेही
पर्यटन नगरी मनाली के चौरी बिहाल के समीप वीरवार को एक होटल की निशानदेही की गई। होटल सरकारी भूमि पर बनाने का आरोप है। यह होटल एक पूर्व मंत्री की पत्नी का बताया जा रहा है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल द्वारा जारी आदेश के बाद वीरवार को एसडीएम मनाली एचआर बेरवा, डीएफओ कुल्लू डॉ. नीरज चड्ढा, जिला पर्यटन अधिकारी कुल्लू बीसी नेगी, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार मनाली ने इसकी निशानदेही की है।
निशानदेही टीम ने मौके की वीडियोग्राफी के साथ फोटोग्राफी भी की है। निशानदेही की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और इसको लेकर अब सेटलमेंट विभाग को लिखा गया है। वीरवार शाम को एसडीएम मनाली एचआर बेरवा दिल्ली रवाना हो गए हैं
जहां वह इसी मामले को लेकर शुक्रवार को दिल्ली में एनजीटी में अपना पक्ष रखेंगे। होटल के कुछ कोनों की निशानदेही करने में दिक्कत पेश आई है। ऐसे में अब सेटलमेंट विभाग को लिखा गया है।
उल्लेखनीय है कि पूर्व मंत्री की पत्नी के नाम पर बनाए गए इस होटल के सरकारी भूमि पर बनाने का आरोप है। कंट्री एंड टाउन प्लानिंग द्वारा पास किए होटल के नक्शे से हटकर इसका निर्माण किया गया है और मामला अब एनजीटी में विचाराधीन है।