फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basmati New Variety: बासमती की नई किस्म तैयार, झुलसा रोग होगा बेदम, हवा-बारिश की मार कम

Sat, 22 Jul 2023 10:32 AM IST
Krishan Singh विनोद राणा, संवाद न्यूज एजेंसी, पालमपुर (कांगड़ा)

सार

हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने बासमती चावल की एक किस्म को नए तरीके से विकसित किया है। इस नई किस्म में न तो झुलसा रोग लगेगा और न ही इसके झड़ने की संभावना होगी।
विज्ञापन
कृषि विवि के कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने बासमती की नई किस्म रोपी। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 देश के करोड़ों किसानों के लिए हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर ने बासमती चावल की एक किस्म को नए तरीके से विकसित किया है। इस नई किस्म में न तो झुलसा रोग लगेगा और न ही इसके झड़ने की संभावना होगी। यानी, पर्यावरण की कैसी भी परिस्थिति हो, किसानों को फसल अच्छी मिलेगी। नई किस्म के पौधे का कद भी काफी छोटा होगा। इससे हवा या बारिश से इसके झड़ने का डर कम होगा। किस्म की पैदावार कितनी होगी, यह आने वाले दिनों में इसकी कटाई के बाद पता चलेगा। कृषि विवि ने अपने शोध में बासमती की इस किस्म को झुलसा रोग से रोग प्रतिरोधक शक्ति वाला बना दिया है।

विज्ञापन


शोध के बाद कृषि विवि ने उम्मीद जताई है कि हर किसी नुकसान के बचने के बाद यह फसल अच्छी होगी और आने वाले दिनों में प्रदेश के किसानों की आर्थिकी भी मजबूत होगी। फिलहाल, विवि ने शोध के बाद प्रयोग के तौर पर बैजनाथ के उस्तेहड़ में एक किसान के खेत में इसके पौध की बिजाई कर दी है। आने वाले दिनों में सब ठीक रहा तो यह बासमती किसानों की आर्थिकी में अपनी खुशबू बिखेर सकती है। बासमती की इस किस्म को कृषि विवि के जैव प्रौद्योगिकी वैज्ञानिक (बायोटेक्नोलॉजिस्ट) डॉ. राजीव राठौड़ ने विकसित किया है।

अच्छी पैदावार की संभावना
कृषि विवि के कुलपति प्रो. एचके चौधरी ने कहा कि बासमती की विकसित की गई इस किस्म को झुलसा रोग का कोई खतरा नहीं होगा। साथ ही इसके पौधे का कद छोटा होने पर इसके झड़ने के संभावना भी कम होगी। उन्होंने कहा कि नए तरीके से शोध कर विकसित की गई बासमती की इस किस्म से अच्छी पैदावार होने की संभावना है, जो प्रदेश के किसानों की आर्थिकी मजबूत करेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें