परिवहन, वन एवं खेल मंत्री गोविंद ठाकुर ने हमीरपुर में पत्रकार वार्ता में कहा कि उच्च न्यायालय ने जेएनयूआरएम बसों को क्लस्टर रूटों पर नहीं चलने के चलते बंद करने के आदेश दिए थे।
उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद प्रदेश में 325 जेएनयूआरएम की बसें अड्डों पर खड़ी हैं। कहा कि सरकार ने न्यायालय में आवेदन पत्र दाखिल किया है। 14 जून को प्रदेश उच्च न्यायालय में मामले में सुनवाई होगी।
इसके बाद इन बसों पर सड़कों पर चलाया जाएगा। एचआरटीसी बस कंडक्टरों का लंबित रात्रि भत्ते का आने वाले समय में भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़क हादसों को कम करने पर सरकार गंभीरता से प्रयास कर रही है।