आलू ने शिमला के ‘कुफरी’ स्टेशन को विदेशों में खूब मशहूर कर दिया है। इस पर्यटन स्थली की मशहूरी केंद्रीय आलू अनुसंधान परिषद (सीपीआरआई) ने की है। सीपीआरआई अब तक कुफरी नाम से आलू की करीब 50 किस्में निकाल चुका है। यह अफगानिस्तान, श्रीलंका, मैक्सिको आदि में भी यहां पर तैयार आलू उगाया जा रहा है।
कुफरी चंद्रमुखी किस्म का उत्पादन अफगानिस्तान और पाकिस्तान में भी हो रहा है। कुफरी ज्योति को नेपाल, भूटान, म्यानमार आदि में बोया जा रहा है। कुफरी सिंदूरी बांग्ला देश और नेपाल में उगाई जा रही है।
इसके अलावा मेडागास्कर, फिलिपींस, मैक्सिको आदि में भी शिमला में विकसित की गई हाइब्रिड किस्में उगाई जा रही हैं। सीपीआरआई के सामाजिक विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. एनके पांडे ने कहा है कि चूंकि आलू की नई तैयार किस्मों को देश में शिमला के कुफरी में तैयार किया जाता है, इसलिए हर वैराइटी से पहले कुफरी लिखा जाता है।
उन्होंने माना कि अफगानिस्तान, श्रीलंका, नेपाल, भूटान, म्यानमार, मैक्सिको, मेडागास्कर, फिलिपींस आदि देशों में कुफरी में तैयार बीज को उगाया जा रहा है।