जबकि अगर पुराने केस निपटाने भी लगे तो जीएसटी का काम और उसके तहत आने वाले केस लंबित हो जाते। इसी दोहरी समस्या से निपटने के लिए सरकार बिल लाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत मामलों को निपटाने का प्रयास करेगी। इस प्रक्रिया से न सिर्फ विभाग का काम कम होगा बल्कि उसे भारी राजस्व भी अर्जित होगा जिसका सरकार विकास योजनाओं के लिए इस्तेमाल कर सकेगी।
जीएसटी में पंजीकरण से जल्द मिलेगी राहत
जीएसटी लागू होते समय हिमाचल सरकार ने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन के लिए प्रदेश के व्यापारियों की सीमा को दस लाख तक रखने का प्रस्ताव किया था। इसी के चलते जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों को खासी दिक्कत पेश आई। भाजपा ने चुनाव के दौरान जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सीमा को दस से बीस लाख कराने का वायदा किया था।
सरकार बनते ही जीएसटी काउंसिल की बैठक में प्रदेश सरकार ने यह मांग भी रख दी। चूंकि निर्णय काउंसिल में होना है ऐसे में समय लग रहा है। बजट के दौरान मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रदेश सरकार द्वारा उठाई गई व्यापारियों की इस मांग को जल्द ही जीएसटी काउंसिल मान लेगी और इससे व्यापारियों को खासी राहत होगी।