नगर निगम आफिस में कुर्सी संभालने के लिए मेयर, डिप्टी मेयर अभी शुभ मुहूर्त का ही इंतजार कर रहे हैं। एमसी कार्यालय के खाली चलने से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
महापौर और उपमहापौर के कार्यालय में न होने से विकास भी प्रभावित हो रहा है। हालांकि उम्मीद है कि भाजपा समर्थित मेयर, डिप्टी मेयर मंगलवार को पद संभाल लेंगे। नगर निगम के चुनाव जल्द करवाने के लिए भाजपा समर्थित सदस्यों ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
इसके बाद उच्च न्यायालय ने 19 जून तक नगर निगम चुनाव संपन्न करवाने के आदेश दिए थे। नगर निगम में पूर्व मेयर, डिप्टी मेयर का कार्यकाल 4 जून को खत्म हो गया था। 16 जून को नगर निगम के चुनाव करवाए गए।
19 जून को पार्षदों ने शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण के दिन कांग्रेस समर्थित पार्षद बचत भवन से निकल गए। इस कारण मेयर, डिप्टी मेयर पद के लिए चुनाव दूसरे दिन तक के लिए टल गए।
कांग्रेस समर्थित पार्षदों के बाहर जाने पर बीजेपी समर्थक पार्षदों ने उसी दिन मेयर, डिप्टी मेयर चुने जाने के लिए बचत भवन में नारेबाजी भी की। 20 जून को मेयर, डिप्टी मेयर चुने गए।
उसके बाद से मेयर, डिप्टी मेयर निगम आफिस में नहीं बैठे हैं। शहर के लोग कार्यालय में काम करवाने आ रहे हैं लेकिन मेयर न मिलने से बैरंग लौट रहे हैं। इससे उनके काम लटकते जा रहे हैं।