शिमला शहर को कल नए मेयर और डिप्टी मेयर मिल जाएंगे। इससे पहले सोमवार को इन पदों के दावेदारों पर फैसला लिया जाएगा। उधर, भाजपा ने पार्षदों के बगावती सुर देखते हुए मेयर और डिप्टी मेयर के दावेदारों के नाम वोटिंग से चंद मिनट पहले ही बताने का फैसला लिया है। सूत्रों के अनुसार पार्षदों को एकजुट रखने के लिए पार्टी नेताओं ने ऐसा फैसला लिया है।
वोटिंग से ठीक पहले पार्षदों को बताया जाएगा कि किसे वोट डालना है। भाजपा सोमवार शाम तक दावेदार तय कर देंगी। लेकिन इसे सार्वजनिक करने से बच सकती है। दोनों ही पार्टियां अभी अपने दावेदारों के नाम सार्वजनिक करने से बच रही हैं। भाजपा मान रही है कि यदि सोमवार को ही दावेदार का नाम सार्वजनिक हो जाएगा तो कांग्रेस नाराज पार्षदों से मिलकर पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है।
ऐसे में चुनाव से ठीक पहले ही पार्षदों को दावेदारों के नाम बताए जा सकते हैं। उधर, कांग्रेस भी भाजपा दावेदारों को देखने के बाद ही अपने दावेदार उतारने की तैयारी कर रही है। मंगलवार सुबह 11 बजे उपायुक्त कार्यालय परिसर स्थित बचत भवन में वोटिंग होनी है। नगर निगम प्रशासन ने इसकी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कोरम पूरा न होने की स्थिति में बुधवार को वोटिंग की जाएगी।
भाजपा में घमासान, डिप्टी मेयर को प्रमोशन के चर्चे
भाजपा में दावेदार तय करने को लेकर घमासान मचा है। अपना दावा पुख्ता करने के लिए कई भाजपा पार्षदों ने रविवार शाम मंत्री से मिलने का प्लान बनाया था। लेकिन शाम तक मंत्री के शिमला न पहुंचने पर इन्हें निराशा ही हाथ लगी। हालांकि, फोन पर पार्षद इनके संपर्क में रहे।
पार्षदों के घमासान के बीच शिक्षामंत्री एवं स्थानीय विधायक डिप्टी मेयर राकेश शर्मा को भी मेयर पद का दावेदार बना सकते हैं। ऐसी स्थिति में शैलेंद्र चौहान, मीरा शर्मा डिप्टी मेयर की दौड़ से बाहर हो जाएंगे। यदि डिप्टी मेयर, सत्या कौंडल और संजीव ठाकुर के नाम पर भी सहमति नहीं बनती है तो वर्तमान मेयर कुसुम सदरेट को ही अगले ढाई साल मेयर जारी रखा जाएगा।