शिक्षा अधिकारियों ने हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं में कंपार्टमेंट को खत्म करने की सिफारिश की है। प्राथमिक पाठशालाओं में प्री नर्सरी शुरू करने और पहली कक्षा से अंग्रेजी मीडियम में पढ़ाने का सुझाव भी दिया गया है। इन तमाम सुझावों को तीस साल बाद जन सहभागिता से तैयार की गई नई शिक्षा नीति में शामिल किया जा रहा है।
इस नए प्लान को अब केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय को भेजा जाएगा। मंगलवार को राज्य शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों और कॉलेज प्रिंसिपलों को निर्देश दिए हैं कि वे अपनी सिफारिशों को सीधे केंद्र की वेबसाइट पर अपलोड करें। नई शिक्षा नीति के तहत माध्यमिक कक्षा से व्यावसायिक शिक्षा शुरू करने की सिफारिश की गई है।
नई शिक्षा नीति बनाने के लिए हिमाचल सरकार ने प्रदेश के हर वर्ग से राय ली है। पंचायत, जिला परिषद प्रतिनिधियों के अलावा शिक्षकों, अभिभावकों, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों से चर्चा की गई है। इन सभी वर्गों से लिखित सुझाव लिए गए हैं। हिमाचल में तीस साल बाद नई शिक्षा नीति जन सहभागिता से बनाई गई है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने इसकी पुष्टि की है।