प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पहली से जमा दो कक्षा तक पढ़ने वाले आठ लाख से अधिक विद्यार्थियों को कलरफुल स्मार्ट वर्दी देने का प्रस्ताव तैयार हो गया है।
शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा की अध्यक्षता में वर्दी चयन को गठित कमेटी की बैठक में लड़कों को ग्रे पैंट, हरे रंग की चेक कमीज और लड़कियों को पीले रंग की कमीज और भूरे रंग की सलवार और दुपट्टा देने का प्रस्ताव तैयार किया गया। इस प्रस्ताव को अब मंत्रिमंडल की बैठक में लाया जाएगा।
कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की वर्दी का रंग तय करने का हिमाचल सरकार ने फैसला लिया है। विद्यार्थियों को सरकार द्वारा वर्दी निशुल्क मुहैया करवाई जाती है।
पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को सिलाई के लिए पैसा दिया जाता है जबकि जमा एक और जमा दो के विद्यार्थियों को सिलाई के लिए पैसे नहीं दिए जाते।
वर्दी तय करने के लिए गठित कमेटी में शिक्षा सचिव के अलावा प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक सर्व शिक्षा अभियान आशीष कोहली सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
बदल सकता है निशुल्क वर्दी योजना का नाम
कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई मुख्यमंत्री वर्दी योजना का नाम भी बदल सकता है। संभावित है कि भाजपा सरकार स्मार्ट वर्दी देते समय योजना का नाम बदल कर अटल बिहारी वर्दी योजना कर सकती है।
विद्यार्थियों को जूते-बैग भी देगी सरकार
भाजपा ने चुनावी दृष्टि पत्र में स्कूली विद्यार्थियों को निशुल्क जूते और बैग देने की घोषणा की थी। बताया जा रहा है कि स्मार्ट वर्दी के साथ जूते और बैग देने का फैसला भी जयराम सरकार ले सकती है।
ट्रैक सूट अपने स्तर पर शुरू कर सकते हैं स्कूल
शिमला। प्रदेश के कुछ सरकारी स्कूलों में प्रिंसिपलों ने स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों के साथ मिलकर विद्यार्थियों को ट्रैक सूट देने की पहल भी की है। अन्य स्कूल भी इस तरह के फैसले अपने स्तर पर ले सकते हैं। सरकार ने इसकी छूट दी हुई है।
कैबिनेट बैठक 26 फरवरी को
जयराम सरकार ने 26 फरवरी को कैबिनेट बैठक बुलाई है। इस बैठक में सरकार भर्तियों और पुरानी सरकार के फैसलों को रिव्यू करेगी। मंत्रिमंडल की बैठक के लिए सभी विभागों को समय से एजेंडा प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। पिछली कैबिनेट में शिक्षा विभाग के लंबित कई मामलों को नए सिरे से रखा जाना है।
सोमवार दोपहर 3 बजे प्रस्तावित मंत्रिमंडल की बैठक में पिछली सरकार के 1 अप्रैल से खोले संस्थानों पर ग्राउंड रिपोर्ट रखी जाएगी। मल्टीपर्पज वर्करों और पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार कोई निर्णय ले सकती है।
जलविद्युत परियोजनाओं में जिन कंपनियों ने अपफ्रंट मनी देकर काम शुरू नहीं किया, उन पर जुर्माना लगाने पर सरकार निर्णय लेगी।
सूखे को लेकर तैयार हुई कृषि विभाग की रिपोर्ट को भी मंत्रिमंडल के सामने रखी जानी है। तकनीकी शिक्षा विभाग में कुलपति चयन के अलावा कई विभागों में रिक्त पदों के सापेक्ष भर्तियों के अलावा बजट सत्र को लेकर भी चर्चा हो सकती है।