नीदरलैंड में सीएम जयराम
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जयराम ठाकुर ने कहा कि डच की पानी के प्रबंधन और कृषि तथा बागवानी में कम जमीन का इस्तेमाल कर अच्छा उत्पादन लेने में महारत है। यह तकनीक हिमाचल के लिए भी बुहत ही उपयोगी साबित हो सकती है।
कृषि, प्रकृति एवं खाद्य गुणवत्ता मंत्रालय के सेक्रेटरी जनरल जन-कीस-गोएट ने कहा कि नीदरलैंड ने प्रमुख स्टेक होल्डरों यानी सरकार, अनुसंधान केंद्रों और कृषि व्यवसायियों के बीच एक अच्छा त्रिकोण बनाया है।
उन्होंने ग्लोबल इन्वेस्टर मीट में आने के मुख्यमंत्री के आमंत्रण को भी स्वीकार किया। मुख्यमंत्री और अन्य प्रतिनिधियों ने एमस्टरडम आरएआई में ग्रीनटैक एग्जिबिशन का भी दौरा किया। यहां बागवानी आधारित एक बड़ी प्रदर्शनी लगी है।
मुख्यमंत्री ने साउथ हॉलैंड, प्रोविंसिहुइस, जुईड हॉलैंडलान और हेग जाप स्मिट प्रांतों के किंग्स कमिश्नर से कृषि, बागवानी आदि के क्षेत्र में सहयोग पर भी विचार-विमर्श किया। जाप स्मिट की ओर से आश्वस्त किया गया कि धर्मशाला में होने जा रही मेगा इन्वेस्टर मीट में इसकी खास भागीदारी रहेगी।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नीदरलैंड में कहा कि नवंबर में धर्मशाला में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर मीट का आयोजन हो रहा। जयराम ठाकुर ने कहा कि 3 और 4 नवंबर को नई दिल्ली में वर्ल्ड फूड एक्पो होगा। उसी के बाद धर्मशाला में यह ग्लोबल इन्वेस्टर मीट होगी।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह, नीदरलैंड में भारत के राजदूत वेणु राजामोनी, मुख्यमंत्री के प्रधान निजी सचिव एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा, विशेष सचिव आबिद हुसैन सादिक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस मौके पर मौजूद रहे।