भटियात, चंबा, भरमौर, चुराह, ज्वालामुखी, नूरपुर, धर्मशाला, हरोली, इंदौरा, फतेहपुर आदि निर्वाचन क्षेत्रों के विधायकों ने न तो सड़कों-पुलों की प्राथमिकताएं वक्त पर योजना विभाग को भेजीं, न ही पीने के पानी और लघु सिंचाई की ही किसी स्कीम की प्राथमिकता दी।
इसलिए ही इनकी प्राथमिकताओं को बजट बुक में शामिल नहीं किया जा सका। हालांकि, राज्य सरकार के योजना विभाग में इनकी ओर से योजनाओं को अब भेजा जा रहा है।
ऐसा पहले भी होता रहा है: डॉ. बाल्दी
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त एवं योजना डॉ. श्रीकांत बाल्दी ने कहा कि जिन विधायकों से पहले प्राथमिकताएं नहीं आ पाई थीं, वे अब आ रही हैं। इन्हें बाद में भी बजट में शामिल किया जा सकता है। ऐसा पहले भी होता रहा है।