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चंबा में युवक को ढूंढने में एनडीआरएफ अमले के साथ तांत्रिक भी लगाए

Sat, 18 May 2019 09:12 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंबा
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- फोटो : अमर उजाला
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चंबा-जोत मार्ग पर मंगला के समीप पहाड़ी से हुए भूस्खलन के मलबे तले मशीन सहित दबे ऑपरेटर रवि को निकालने के लिए एनडीआरएफ, लोनिवि को सफलता न मिलने पर अब लोगों ने तांत्रिक विधि का सहारा भी लिया है।

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तांत्रिक विधि के बाद एक जगह के चिन्हित होने पर सुबह 12 बजे के बाद उस क्षेत्र से मिट्टी और चट्टानें हटाने के लिए मशीनरी लगाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। चंबा-जोत मार्ग पर बीती मंगलवार रात सवा दो बजे के करीब मलबा और पत्थर हटा रही पोकलेन मशीन पर अचानक पहाड़ी दरकने से टनों के हिसाब से मलबा और चट्टानें आकर गिर गईं थीं।

पोकलेन ऑपरेटर रवि का 88 घंटे व्यतीत होने पर भी कोई भी सुराग नहीं चल पाया है। प्रशासन द्वारा ऑपरेटर को तलाशने के लिए एनडीआरएफ के जवानों को भी बुलाया गया। लेकिन, अभी तक सफलता हाथ नहीं लग पाई है।
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इसी क्रम में शनिवार को परिजनों ने थकहार कर तांत्रित विधि खोरी का सहारा लेते हुए ऑपरेटर को तलाशने की संभावना जताते हुए इस विधि का भी अनुसरण किया। हालांकि, मौके पर एनडीआरएफ की टीम भी डटी हुई है।

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 साथ ही लोनिवि की मशीनरी मलबा हटाने के लिए जुटी हुई है। तांत्रिक विधि द्वारा  दर्शाई गई जगह के समीप जैसे ही मशीनरी पहुंच रही है तो मलबा ओर गिरता जा रहा है। लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिल पाई है।

एक तरफ जहां रेस्कयू टीम मशीनों के जरिए मलबे तले मशीन सहित दबे रवि को तलाशने में जुटी हैं तो वहीं, परिजनों सहित जिले के हजारों लोग रवि के सुरक्षित जल्द मिलने की भी दुआ कर रहे हैं।

प्रशासन की ओर से छह मशीनें लगाई गई हैं। एक तरफ जहां मुख्य मार्ग पर कार्य जारी है तो वहीं दूसरी तरफ नाले में डंप किए गए मलबे को भी अलग किया जा रहा है। मौके पर लोगों की भीड़ पिछले तीन दिनों से पहुंच रही है।

पोकलेन ऑपरेटर रवि के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो चुका है। परिजन एकटक मलबे को देखकर ऑपरेटर के निकलने की कामना कर रहे हैं। वहीं, मौके पर पहुंचने वाले लोग भी परिजनों को डांडस बंधाने की ही कोशिश करते देखे जा सकते हैं। 
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