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Himachal: युकां अध्यक्ष पहुंचे कुल्लू, बोले- आपदा के लिए अवैज्ञानिक निर्माण जिम्मेदार, केंद्र की मदद नाकाफी

Thu, 11 Sep 2025 12:48 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू/नाहन।

सार

युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कहा कि प्रदेश में फोरलेन निर्माण का काम अवैज्ञानिक तरीके से किया गया है।
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युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जिला कुल्लू के साथ पूरे प्रदेश में आपदा आने के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का विभाग जिम्मेदार है। यह बात युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने कुल्लू में पत्रकार वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि उनके विभाग ने सड़कों को बनाने का काम ठीक से नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में फोरलेन निर्माण का काम अवैज्ञानिक तरीके से किया गया है। यही कारण है कि प्रदेश के पहाड़ कच्चे हो गए हैं जो बरसात में नीचे आ गए हैं। इस कारण प्रदेश में मानव क्षति के साथ मवेशियों की भी जान गई। जबकि लोगों के घर, जमीन और बागीचे तबाह हो गए हैं। ऐसी स्थिति में उन्होंने केंद्र सरकार को संभव मदद करने की मांग की है उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री ने हिमाचल प्रदेश आकर जो 1500 करोड़ रुपये देने का एलान किया है वह इस आपदा के सामने ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। उन्होंने कहा कि ऐसे में केंद्र सरकार को प्रदेश की खुलकर मदद करनी चाहिए।

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नाहन: आप नेताओं ने 1500 करोड़ की राहत राशि को बताया नाकाफी
 आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार से मिलने जा रही 1500 करोड़ की राहत राशि को आपदा प्रभावित हिमाचल के लिए नाकाफी बताया है। नाहन में आम आदमी पार्टी से जुड़े नेताओं की बैठक हुई, जिसमें हिमाचल में आपदा से हुए नुकसान पर चर्चा की गई।  बैठक में मौजूद साधना बर्मन, हबीबुल रहमान, सोहन सिंह, विनोद भटनागर, केएस वालिया ने कहा कि इस साल  प्रदेश को करीब 10 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो 1500 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है, वह ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। हिमाचल के जख्मों पर यह मरहम कम और जख्मों पर नमक ज्यादा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को हिमाचल की तबाही केवल चुनावी सभाओं में ही दिखती है। प्रदेश पहले ही आर्थिकी बदहाली से जूझ रहा है, ऊपर से मानसून में मिले जख्मों से इसकी हालत खस्ता हो गई है। ऐसे में प्रधानमंत्री को आपदा के समय में हिमाचल के साथ मजबूती से खड़े होने की जरूरत है।
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