मणिमहेश में फंसे करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित हड़सर लाया गया है। इन लोगों में श्रद्धालुओं के अलावा अधिकतर लंगर कमेटियों से जुड़े लोग तथा दुकानदार शामिल हैं। इन लोगों को उनके सामान सहित सुरक्षित हड़सर पहुंचाया गया है।
मंगलवार को भारी बारिश के बाद मणिमहेश में करीब दो इंच ताजा हिमपात हुआ। हिमपात अधिक होता तो श्रद्धालुओं तथा वहां फंसे लोगों का वापस लौटना मुश्किल हो सकता था। एसडीएम डा. जितेंद्र कंवर ने कहा कि मणिमहेश में करीब एक हजार लोग थे।
बुधवार शाम तक सभी सुरक्षित हड़सर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने सभी लोगों को वहां से निकलने के लिए कहा। शाम पांच बजे तक लगभग सभी लोगों को नीचे लाया गया। मणिमहेश में बचे हुए शेष लोगों का लौटना जारी है।
बुधवार दोपहर बाद मणिमहेश में बारिश शुरू होने से ठंड बढ़ गई। बुधवार सुबह 5.09 मिनट तक राधा अष्टमी स्नान का मुहूर्त था। ऐसे में कई श्रद्धालु वहां रुके, लेकिन बारिश और हिमपात ने उनकी दिक्कतें बढ़ा दीं।
मणिमहेश से लौटे लुधियाना के राजन, सुदीप, रणवीर, चंडीगढ़ के लोकेश शर्मा, जयंत नाग, अतुल प्रधान आदि ने कहा कि उन्होंने नहीं सोचा था कि एकाएक हिमपात हो जाएगा। इन लोगों ने कहा कि भोले की कृपा से वे सुरक्षित वापस लौटे हैं।
एसडीएम डा. जितेंद्र कंवर ने कहा कि इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं और श्रद्धालु अभी मणिमहेश के रास्ते में तो नहीं हैं।