राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक (नाबार्ड) ने प्रदेश सरकार को रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड-20 के तहत 456.92 करोड़ की वित्तीय सहायता मंजूर की है। नाबार्ड की परियोजना स्वीकृति समिति ने हाल ही में मुंबई में हुई बैठक में ग्रामीण आधारभूत परियोजनाओं को राशि देने का निर्णय लिया।
स्वीकृत राशि से स्वां नदी बाढ़ नियंत्रण कार्य चरण -4, ग्रामीण सड़क एवं पुल, पेय जल सुविधा एवं सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। स्वां नदी बाढ़ नियंत्रण कार्य को 262.91 करोड़ मंजूर हुए हैं। केंद्र और प्रदेश की 70:30 के अनुपात की भागीदारी होगी।
राज्य सरकार ने अपना शेयर आरआईडीएफ के अंतर्गत नाबार्ड से लिया है। परियोजना के पूरा होने से ऊना जिले में 7163.49 हेक्टेयर कृषि भूमि, 95 गांवों में बसे लगभग 2.35 लाख लोगों को सुरक्षा मिलेगी। क्षेत्र में स्थापित 72 उद्योग एवं 306 वाणिज्यिक इकाइयों को बाढ़ से होने वाले नुकसान से निजात मिलेगी।
समिति ने शिमला, हमीरपुर, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, सोलन और सिरमौर जिलों में प्रस्तावित 50 ग्रामीण सड़कों एवं 6 पुलों के निर्माण को 147.75 करोड़ स्वीकृत किए हैं। इससे 182 किलोमीटर पक्की और 78 किमी कच्ची सड़कें बनाई जाएंगी। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण बैंक के मुख्य महाप्रबंधक कंवर प्रकाश चंद ने बताया कि राशि 29 सितंबर को मुंबई में हुई बैठक में स्वीकृत हुई है।
किन्नौर के लिए 944.93 लाख
नाबार्ड ने जनजाति विकास कार्यक्रम में किन्नौर जिले के जनजाति समुदाय के विकास को 944.93 लाख की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। निचार ब्लॉक के रूपी, छोटा कांबा और नाथपा में चलेंगी। स्वीकृत वित्तीय सहायता में 317.76 लाख अनुदान, 40.50 लाख ऋण, 331.57 लाख प्रतिभागी योगदान और 255.10 लाख विभिन्न सरकारी संस्थाओं के मेल-जोल से जुटाने का प्रावधान है।
आजीविका कार्यक्रम जैसे 428 एकड़ में सेब, जंगली खुमानी, अखरोट और नाशपाती पौधरोपण, मृदा संरक्षण, जल संसाधन विकास, भूमिहीनों को आजीविका कार्यक्रम, प्रोसेसिंग व विपणन, प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण, महिला विकास व स्वास्थ्य आदि मदों के लिए स्वीकृत की गई है।
इससे 16 गांव के जनजाति समुदाय के 643 परिवार लाभान्वित होंगे। नाबार्ड के सहायक महाप्रबंधक ठाकुर सिंह नेगी ने बताया कि नाबार्ड के आदिवासी विकास कार्यक्रम के तहत क्षमता और सहभागिता के आधार पर विकास करना है।
304 गांवों में मिलेगी पेयजल सुुविधा
14 पेयजल सुविधा परियोजनाओं को 32.98 करोड़, 8 सिंचाई परियोजनाओं को 13.28 करोड़ स्वीकृत हुए हैं। ये परियोजनाएं शिमला, कांगड़ा, ऊना, बिलासपुर, कुल्लू, चंबा, सोलन और मंडी जिलों में प्रस्तावित हैं। इससे 304 गांवों में बसे लगभग 1.15 लाख लोगों को पानी की सुविधा उपलब्ध होगी। 709 हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई सुविधा मिलेगी।