हिमाचल के साढ़े 18 लाख राशनकार्ड उपभोक्ताओं को डिपो में पौष्टिक तत्व वाली खाद्य वस्तुएं मिलेंगी। अभी डिपो में साधारण खाद्य वस्तुओं की सप्लाई होती है। अब तेल और आटा कैल्शियम और आयरन युक्त होगा। खाद्य आपूर्ति निगम ने सप्लाई शुरू करने से पहले इस मामले में स्वास्थ्य विभाग से सलाह-मश्विरा किया है।
अगले महीने से प्रदेश के डिपो में पौष्टिक युक्त खाद्य वस्तुओं की सप्लाई शुरू होगी। हिमाचल में साढ़े 18 लाख राशनकार्ड उपभोक्ताओं को इसका फायदा होगा। नीति आयोग ने पहले ही चावल में आयरन, कैल्शियम और विटामिन ए और डी देने की बात कही है।
अब हिमाचल सरकार ने तेल और आटे में भी यह पौष्टिक तत्व मिलाने का फैसला लिया है। हिमाचल में साढ़े 12 लाख एपीएल परिवार हैं, जिन्हें डिपो में आटा मिलता है, जबकि साढ़े पांच लाख बीपीएल परिवार हैं, जिन्हें गेहूं दिया जा रहा है। तेल सभी उपभोक्ताओं को दिया जाता है।
खून की कमी दूर होगी
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि डिपो में मिलनी वाली खाद्य वस्तुओं में अगर कैल्शियम और आयरन मिलाया जाता है तो महिलाओं और बच्चों में खून की कमी दूर हो सकेगी।
हिमाचल के राशनकार्ड उपभोक्ताओं को कैल्शियम और आयरन युक्त आटा और तेल देने का फैसला लिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान से इस बारे में चर्चा हुई है। जल्द पौष्टिक तत्वों से युक्त आटा और तेल में उपलब्ध कराया जाएगा।
- अमिताभ अवस्थी, सचिव, खाद्य आपूर्ति विभाग