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क्या बात! ये बिस्कुट-नूडल्स खाएं और बीपी, शुगर को कहें बाय-बाय

Sat, 17 Sep 2016 05:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
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अगर आप ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ने से परेशान हैं तो खुंब अनुसंधान निदेशालय सोलन की ओर से तैयार बिस्कुट और नूडल्स खाएं जो इन बीमारियों को कंट्रोल करने के अलावा आपको बेहतरीन जायका भी देंगे। यही नहीं ये आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाएंगे। मशरूम सिटी सोलन स्थित खुंब निदेशालय के वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि ढिंगरी और बटन मशरूम के पाउडर से तैयार बिस्कुट और नूडल्स पर कई तरह के शोध के बाद सफलता पाई है।
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वैज्ञानिकों का दावा किया है यह उत्पाद पौष्टिक होने के साथ-साथ प्रोटीन और विटामिन की कमी को भी दूर करेंगे। ढिंगरी और बटन मशरूम में विटामिन बी 6, बी 12, विटामिन सी और डी पाए जाते हैं। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। यह पदार्थ एंटीआक्सीडेंट का काम करते हैं।

इससे कैंसर के रोगियों को भी लाभ मिलता है। इसमें हाई फाइबर और पोटाशियम होता है, जो कार्डियो वस्कुलर को इंप्रूव करता है। इससे बीपी भी नियंत्रण में रहता है। एक किलो बिस्कुट 140 रुपये जबकि नूडल्स 200 रुपये में मिलेंगे। ये उत्पाद अभी अनुसंधान केंद्र के स्टॉल पर उपलब्ध हैं। जल्द ही इन्हें मार्केट में उतारने की तैयारी है।
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ऐसे खुद तैयार कर सकते हैं बिस्कुट

बिस्कुट को तैयार करने के लिए सबसे पहले ढिंगरी या बटन मशरूम को सुखाया जाता है। सूखने के बाद इसका पाउडर तैयार किया जाता है। यदि एक किलो बिस्कुट तैयार करने हों तो इसके लिए 700 ग्राम मैदा, सौ ग्राम दूध पाउडर और सौ ग्राम मशरूम पाउडर को

मिक्स करके इसे बिस्कुट की शेप में काट लें। ओवन में 160 डिग्री के तापमान पर 4 से 5 घंटे तक पकाएं। बिस्कुट के सीलबंद पैकेट को फ्रिज में करीब 1 वर्ष और बिना फ्रिज के 5 से 6 माह तक स्टोर कर सकते हैं।

मशरूम नूडल्स बनाने का क्या करना होगा
एक किलो नूडल्स तैयार करने के लिए 800 ग्राम आटा और 200 ग्राम मशरूम पाउडर चाहिए। हल्दी के अलावा स्वादानुसार नमक डाल लें। इसका मिश्रण तैयार कर मशीन से नूडल्स बना लें और सुखा लें।

खुंब अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक डा. ब्रिजलाल अत्री ने बताया कि मशरूम से बने बिस्कुट और नूडल्स बीपी और शुगर के मरीजों के लिए काफी लाभदायक हैं।

इसे कोई भी आसानी से तैयार कर सकता है। हिमाचल में ढिंगरी और बटन मशरूम का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है। विवि से सर्टिफिकेट लेकर किसान और स्वयं सहायता समूह इनका पाउडर बेचकर अच्छी कमाई कर सकते हैं।
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