घरों का वेस्ट वाटर खुले में बहाने वालों पर भी अब नगर निगम जुर्माना लगाएगा। नगर निगम क्षेत्र के भीतर सभी लोगों को अनिवार्य रूप से अपने घरों का वेस्ट वाटर सीवरेज लाइन में जोड़ना होगा। किचन और बाथरूम का व्यर्थ पानी गलियों, नालों और सड़कों पर बहाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए नगर निगम विशेष अभियान शुरू करने जा रहा है।
गर्मियां शुरू होने से पहले खुले में बहने वाले दूषित पानी के कारण गंदगी फैलने की समस्या को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। नगर निगम ने किचन और बाथरूम के वेस्ट वाटर को खुले में बहाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। वेस्ट वाटर खुले में छोड़ने वालों पर कार्रवाई करने के लिए नगर निगम की टीमें वार्ड स्तर पर निरीक्षण करेंगी।
जिन लोगों के किचन और बाथरूम का वेस्ट वाटर खुले में बहता मिलेगा, उन्हें नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किए जाएंगे। नोटिस का जवाब मिलने के बाद गंदे पानी को सीवरेज लाइन से कनेक्ट करने के लिए मोहलत दी जाएगी। मोहलत के बाद भी दूषित पानी खुले में बहाने वालों पर नगर निगम जुर्माना लगाया।
पहले नोटिस देंगे फिर लगेगा जुर्माना- वेस्ट वाटर खुले में बहाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम ऐसा करने वालों को पहले नोटिस जारी करेगा और उसके बाद जुर्माना लगाया जाएगा। कार्रवाई से बचने के लिए लोग अनिवार्य रूप से अपने घरों का वेस्ट वाटर तुरंत सीवरेज लाइनों में जोड़ दें। -पंकज राय, नगर आयुक्त, शिमला
सीवरेज लीक मिली तो कटेगा पानी- लोगों की प्राइवेट सीवरेज लाइनों या सेप्टिक टैंकों में लीकेज पाए जाने पर नगर निगम संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर रहा है। व्यवस्था सुधारने के लिए मोहलत दी जा रही है, और इसके बाद भी लापरवाही बरतने वालों के पानी के कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
और यहां तीन साल से घर में घुस रहा गंदा पानी- नगर निगम के संजौली चौक वार्ड के तहत अमर टैक्स के पास सेन काटेज में रहने वाले सतेंद्र लाल सूद वेस्ट वाटर घर में घुसने से परेशान हैं। सतेंद्र लाल सूद का कहना है कि साथ बने भवनों का पूरा वेस्ट वाटर बह कर उनके मकान के पीछे और दरवाजे के सामने आ जाता है।
सीलन के कारण घर में रहना मुश्किल हो गया है और बीमारी का खतरा बढ़ गया है। सार्वजनिक रास्ते की नियमित सफाई भी नहीं हो रही। स्ट्रीट लाइटें खराब होने के कारण गंदे पानी पर फिसल कर गिरने का हर समय खतरा रहता है।