प्रदेश में जमा दो पास विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने की राह आसान हो गई है। आर्थिक तंगी अब उनके रास्ते में बाधा नहीं बनेगी। सीएम की बजट घोषणा के डेढ़ साल बाद मुख्यमंत्री ज्ञानदीप योजना शुरू कर दी गई है। इसके अंतर्गत जमा दो पास विद्यार्थियों को दस लाख तक के एजूकेशन लोन पर ब्याज में चार फीसदी की छूट मिलेगी।
लोन के लिए विद्यार्थी किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में आवेदन कर सकते हैं। अमर उजाला की खबर के बाद हरकत में आए उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने यूको बैंक से इस योजना को लेकर एमओयू कर लिया है।
अमर उजाला ने नौ जुलाई के अंक में ‘सपना बना पढ़ाई के लिए चार फीसदी ब्याज पर लोन लेना’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस मामले को लेकर बरती जा रही लापरवाही को उजागर किया था।
लोन के लिए बैंक शाखाओं और उच्च शिक्षा निदेशालय से आवेदन का फॉर्म मिलेेगा। योजना के अंतर्गत व्यावसायिक, तकनीकी और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को अधिकतम दस लाख रुपये तक लोन दिया जाएगा।
लोन लेने के लिए देश में कहीं भी स्थित मान्यता प्राप्त संस्थान से पढ़ाई करना अनिवार्य किया गया है। कोर्स पूरा होने के एक साल बाद लोन की वसूली होगी। योजना के तहत यूको बैंक को नोडल बैंक बनाया गया है।
लोन लेने के लिए विद्यार्थी किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में आवेदन कर सकते हैं। ब्याज पर सब्सिडी देने वाले बैंकों को सरकार अदायगी करेगी। अन्य बैंकों को यूको बैंक के पास आवेदन करना होगा। यूको बैंक के माध्यम से केस सरकार को भेजे जाएंगे।
सरकार साल में दो बार अप्रैल और सितंबर महीने में बैंकों को अदायगी करेगी। बैंक विद्यार्थियों से लोन की वसूली कोर्स समाप्त होने के एक बाद शुरू करेंगे। अभी बैंक दस फीसदी की ब्याज दर पर एजूकेशन लोन दे रहे हैं। ब्याज में छूट से निश्चित तौर गरीब वर्ग के छात्रों को राहत मिलेगी।
आर्थिक तौर पर कमजोर विद्यार्थी होंगे लाभान्वित
उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा का कहना है कि सरकार की इस योजना से हिमाचल मूल के होनहार और आर्थिक तौर पर कमजोर विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलेगी। पात्र विद्यार्थी किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में लोन लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं।