नए वाहनों का डीलर स्तर पर स्थायी पंजीकरण
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने प्रेसवार्ता में कहा कि नए वाहनों का डीलर स्तर पर होगा स्थायी पंजीकरण होगा। इससे लोगों को कार्यालय आने से छुटकारा मिल सकेगा। प्रदेश में अब थ्री व्हीलर परमिट भी जारी होंगे। केंद्रीय मोटर वाहन नियमों को मजबूती के साथ लागू किए जाने पर केंद्र सरकार ने परिवहन विभाग को 93 करोड़ को प्रोत्साहन राशि जारी की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में जल परिवहन सेवाएं शुरू की जा रही है। इसको लेकर परिवहन विभाग और केंद्र सरकार के बीच 68 करोड़ का एमओयू साइन कर लिया गया है। जल परिवहन को लेकर तत्तापानी-नयनादेवी और गोविंद सागर (बंगाणा) दो रूट तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि नए वाहनों का स्थायी पंजीकरण डीलर स्तर पर ही किया जाएगा। इस संबंध में एक नई कार्यप्रणाली तैयार की जा रही है। यह व्यवस्था लागू होने पर नए वाहन मालिकों को वाहन डिलीवरी के साथ ही स्थायी पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। अस्थायी पंजीकरण की व्यवस्था को समाप्त किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों को मेडिकल सर्टिफिकेट अपलोड करने की शक्तियां इसलिए दी गई हैं ताकि फर्जी प्रमाण पत्र अपलोड न हो सके। हिमाचल प्रदेश का परिवहन विभाग में कई सेवाओं में ऑटो अप्रूवल सिस्टम लागू किया जा चुका है।
फैंसी नंबरों की ई-नीलामी से 80.82 करोड़ का राजस्व
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग की ओर से जनवरी 2023 से 23 फरवरी 2026 के दौरान विभिन्न स्रोतों से 2744.02 करोड़ का राजस्व अर्जित किया गया, जबकि पिछली सरकार के तीन वर्षीय कार्यकाल में यह 1564.76 करोड़ था। 1 जनवरी, 2023 से 23 फरवरी 2026 तक फैंसी नंबरों की ई-नीलामी के माध्यम से सरकार को कुल 80.82 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि परिवहन विभाग तेजी से डिजिटलीकरण की दिशा में आगे बढ़ रहा। हिमाचल में ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक को आधुनिक प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जा रहा है, ताकि लाइसेंसिंग प्रक्रिया सरल और निष्पक्ष हो सके। वर्तमान में कई आरटीओ कार्यालयों में ड्राइविंग टेस्ट सीमित दिनों में आयोजित होते हैं। वैज्ञानिक रूप से डिजाइन ऑटोमेटिक ट्रैकों पर सेंसर और कैमरों के माध्यम से वाहन नियंत्रण, ब्रेकिंग, लेन अनुशासन, रिवर्स ड्राइविंग और पार्किंग जैसे कौशलों का रीयल टाइम और निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाएगा।
हरोली में स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक दो महीनों में शुरू होगा
हरोली में स्वचालित ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक के अगले दो महीनों में शुरू होने की संभावना है, जबकि इस वर्ष पांच अन्य स्थानों पर जैसे पांवटा साहिब, नालागढ़, घुमारवीं, कांगड़ा और हमीरपुर में ऐसे ट्रैक स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे राज्य में लाइसेंसिंग प्रणाली का व्यापक और आधुनिक रूपांतरण सुनिश्चित होगा तथा सड़क सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
ट्रकों के नेशनल परमिट की वैधता 15 साल करने का मामला केंद्र से उठाएंगे
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में ट्रकों के नेशनल परमिट की वैधता 15 साल करने का मामला केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हालही में केंद्र सरकार ने टैक्सी परमिट की वैधता 12 से बढाकर 15 साल की है। उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग में 365 बस रूटों के लिए 4000 लोगों ने आवेदन किए हैं। परिवहन विभाग की ओर से जल्द ही आवेदकों को रूट आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में 2257 वाहन स्क्रैप किए गए हैं। मोबाइल फिटनस के तहत 14,016 वाहनों की फिटनेस की गई। हिमाचल में परिवहन विभाग की प्रवर्तन (इनफोर्समेंट) प्रणाली को लागू किया है।