सांसद शांता कुमार ने प्रदेश सरकार से राज्य में नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए जल्द कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप नीति बनाने का फिर से अनुरोध किया है।
कोर्ट ने भी हाल ही के एक निर्णय में केंद्र सरकार और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान को नशे के बढ़ते प्रचलन को रोकने के लिए सितंबर माह के पहले सप्ताह तक राष्ट्रीय कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया है।
इसमें स्कूली बच्चों में नशे की लत दूर करने के लिए जागरूकता लाने के संबंध में राष्ट्रीय कार्यक्रम भी शामिल करने का सुझाव दिया है। नशे के प्रकोप ने पंजाब को पूरी तरह से निगल लिया है और अब हिमाचल में भी यह प्रकोप तेजी से बढ़ रहा है।
लिहाजा, इसके लिए कानून का सख्त और सक्रिय होना जरूरी है। बावजूद इसके लिए कुछ ओर करना भी जरूरी है। कानून हत्यारे को फांसी की सजा दे सकता है। इसके लिए समाज और विशेषकर शिक्षा विभाग को आगे आना चाहिए।
इस दिशा में कोर्ट की ओर से जल्द कार्यवाही का निर्देश और नशे के प्रति जागरूकता पैदा करने को विषय के रूप में स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने का आदेश एक कारगर कदम साबित हो सकता है।
प्रदेश युवाओं में बढ़ते नशे पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए शांता ने कहा कि राज्य को इस दिशा में पहल करनी चाहिए और योग और नैतिक शिक्षा को स्कूली पाठ्यक्रम में अनिवार्य विषय बनाना चाहिए।