महिला ने की आत्महत्या(सांकेतिक)
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हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के कुमारसैन क्षेत्र के मलेंडी पंचायत के फराल में मां ने तीन साल की बच्ची के साथ फंदा लगाकर जान दे दी। इस घटना में तीन साल की बच्ची की भी मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मां ने सेब के पेड़ पर फंदा लगाया है। इस घटना से क्षेत्र के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह स्थानीय निवासी ने अपने बगीचे में मां और बच्ची को फंदे से लटके देखा। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना करीब 10:00 बजे कुमारसैन पुलिस को दी। वहीं घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी स्तब्ध रह गए।
इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। मृतक की पहचान नेपाली मूल की 20 वर्षीय बिमला और उसकी 3 साल की बेटी मोनिका के रूप में हुई है। जांच में पता चला है कि विमला यहां मजदूरी का काम करती थी। हालांकि आत्महत्या करने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। इसको लेकर आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। वहीं शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। डीएसपी रामपुर चंद्रशेखर कायथ ने मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
वहीं, नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर पोक्सो कोर्ट ने 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी पर 20,000 रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर पोक्सो कोर्ट ने सोमवार को सुनील निवासी आर-जेड 126, गली नंबर-2 डाबली दक्षिण पश्चिम दिल्ली को नाबालिग को भगाने और दुष्कर्म करने का आरोप सिद्ध होने पर यह सजा सुनाई है। फैसले की जानकारी देते हुए उपजिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि वर्ष 2020 में पीड़िता नौवीं कक्षा में पढ़ रही थी। 20 सितंबर 2020 को पीड़िता दूध देने डेयरी फार्म गई थी, लेकिन वह वापस घर नहीं आई। पीड़िता के पिता ने उसकी तलाश की, लेकिन कहीं भी पता न चला। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना पुलिस थाना में दी।
पिता का फोन, जिसे ऑनलाइन पढ़ाई के लिए पीड़िता प्रयोग करती थी का अवलोकन करने पर पाया गया कि पीड़िता की बात आरोपी के साथ होती थी। इसके अलावा आरोपी ने भी पीड़िता को एक मोबाइल दिया था। इसकी लोकेशन दिल्ली आ रही थी। उसके परिवार वालों से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह उसे लेकर वापस शिमला आ रहे हैं। पुलिस की टीम और पिता भी दिल्ली के लिए रवाना हुए जो पीड़िता और आरोपी उसके परिवार वाले परवाणु में मिले। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी अपने रिश्तेदार के घर आया था, जहां पर उनकी बातचीत हुई। आरोपी ने उसे मोबाइल भी दिया था। 20 सितंबर 2020 को वह उसे अपने साथ मोटर साइकिल पर दिल्ली ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोप सिद्ध करने के लिए अभियोजन पक्ष में कुल 20 गवाह अदालत में पेश किए। आरोप सिद्ध होने पर पीड़िता को भगाने और दुष्कर्म का जुर्म साबित होने पर दोषी को 20 वर्ष कारावास की सजा सुनाई गई। सरकार की तरफ से मुकदमे की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने की।