हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने वाले मां और बेटे को 10-10 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायाधीश सुरेश्वर ठाकुर की खंडपीठ ने सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए यह सजा सुनाई। मामले के अनुसार संजय कुमार की शादी वर्ष 2004 में रीता देवी से हुई थी।
संजय दिल्ली में एक पेट्रोल पंप में काम करता था। शादी के तीन साल बाद रीता देवी की सास गायत्री देवी और पति संजय कुमार दहेज के लिए तंग करने लगे। कांगड़ा में थुरल के रहने वाले इन लोगों से तंग आकर रीता ने 19 अक्तूबर 2008 को खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्महत्या कर ली। मामला दर्ज होने के पश्चात तीनों दोषियों के खिलाफ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश कांगड़ा स्थित धर्मशाला के समक्ष मुकदमा चलाया गया।