स्कूलों को मर्ज करने से जहां शिक्षकों की कमी दूर होगी, वहीं सरकारी स्कूल मजबूत भी हो सकेंगे। हिमाचल में 25 छात्रों की संख्या वाले स्कूलों की संख्या बहुत अधिक है। इन स्कूलों में नाममात्र छात्रों के लिए कई शिक्षकों को तैनात किया गया है जबकि अधिक छात्रों की संख्या वाले स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।
इसके अलावा कम छात्रों की संख्या और एक शिक्षक के सहारे चल रहे स्कूलों पर सालाना सरकार को बहुत अधिक खर्च भी करना पड़ रहा है। हिमाचल की ओर से शिक्षा सचिव अरुण कुमार शर्मा ने इस बैठक में भाग लिया था।
बैठक में हुए फैसलों को शिक्षा सचिव ने शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से अवगत करवा दिया है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में 109 सरकारी स्कूलों को मर्ज किया गया था। पांच छात्रों से कम संख्या वाले सरकारी स्कूलों को साथ लगते स्कूलों में मर्ज किया गया था।