हेल्पलाइन सेवा पर आ रही इक्का-दुक्का शिकायतें
कई जगह सर्दी के कारण बंदरों की शिफ्टिंग से घटा आतंक
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में बीते कुछ दिनों से लोगों को उत्पाती बंदरों के आतंक से हल्की राहत मिली है। रिज, मालरोड और अस्पतालों को छोड़कर शहर के बाकी रिहायशी इलाकों में बंदरों के हमला करने और काटने के मामले घटे हैं।
वन्यजीव विभाग की हेल्पलाइन सेवा पर बीते दस दिन से बंदरों से जुड़ी दो से तीन शिकायतें ही आई हैं। यह भी बुधवार को आई थी। इससे पहले विभाग को इस महीने एक भी शिकायत नहीं मिली थी। ठंड बढ़ने और छुट्टियों के कारण कई लोग इन दिनों शहर में नहीं है। ऐसे में बंदरों को रिहायशी इलाकों में खाना भी कम मिल रहा है। यह दूसरे इलाकों या जंगलों में शिफ्ट हो रहे हैं। इसके अलावा इनका ब्रीडिंग सीजन भी खत्म हो चुका है। ऐसे में बंदर अब ज्यादा उग्र भी नहीं है। आईजीएमसी अस्पताल में भी बीते कुछ दिन से बंदरों के काटने के इक्का दुक्का मामले ही सामने आ रहे हैं। पहले रोजाना छह से आठ मामले सामने आते थे। वन्यजीव विभाग ने शहरवासियों की बंदरों से जुड़ी शिकायतें सुनने के लिए हेल्पलाइन सेवा शुरू कर रखी है लेकिन उसपर लगातार शिकायतें घट रही हैं। विभाग का कहना है कि बर्फबारी के बाद से बंदरों का उत्पात कुछ घटा है।
शहर के रिज और मालरोड पर बंदरों का उत्पात जारी है। इसका कारण इस एरिया में बंदरों को आसानी से खाना मिलना है। बीते कई दिन से सैलानी शिमला आ रहे हैं। यह रिज और मालरोड पर खाने पीने का सामान खरीदते हैं। बंदरों के लिए इनसे सामान छीनना आसान होता है। ऐसे में खाने पीने की दुकानों के बाहर डेेरा जमाए बैठे यह बंदर खूब छीनाझपटी कर रहे हैं।
घटी हैं बंदरों से जुड़ी शिकायतें : डीएफओ
वन्यजीव विभाग के डीएफओ कृष्ण कुमार ने बताया कि बीते कुछ दिन से बंदरों से जुड़ी शिकायतें घटी हैं। हेल्पलाइन सेवा पर अब हफ्ते में इक्का दुक्का ही शिकायत मिल रही हैं।