उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के पूरे होते ही इनसे राज्य में ऊर्जा की बढ़ती मांग पूरी होगी। इसे अंतर्राज्यीय बिजली ट्रांसमिशन परियोजनाओं के माध्यम से राष्ट्रीय ग्रिड से भी जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने ट्रांसमिशन नुकसान को कम करने के लिए ट्रांसमिशन लाइनों के स्तरोन्यन पर भी बल दिया।
सरकार सुनिश्चित कर रही है कि आगामी बिजली परियोजनाओं से पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे। सरकार प्रदेश में अक्षय ऊर्जा को प्रोत्साहन दे रही है। जीईटी एंड डी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुनील वाधवा ने कहा कि ज्ञान का आदान प्रदान समाज व देश के विकास के लिए महत्त्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय कौशल विकास फोरम के अध्यक्ष सुनील ग्रोवर ने कहा कि इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर हिमाचल केंद्र का मुख्य लक्ष्य तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाना है। हिमाचल केंद्र के अध्यक्ष आरके शर्मा ने बताया कि नौ लाख से अधिक इंजीनियर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) से जुड़े हुए है।
राज्य केंद्र की स्थापना 1988 में हुई थी। इसमें लगभग चार हजार सदस्य हैं। इस अवसर पर बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी काल्टा और एसएन कपूर सहित कई अन्य मौजूद रहे।