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ठियोग में बनेगा मॉडल स्कूल, ठोडा खेल पर भी बड़ी घोषणा

Wed, 28 Dec 2016 12:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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ठियोग के सैंज में मॉडल स्कूल खुलेगा। सीएम वीरभद्र सिंह ने इसके लिए सात करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे भवन का शिलान्यास किया। इस मौके पर आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स भी विशेष रूप से मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने मंगलवार को उपमंडल ठियोग के साथ लगते सैंज के बिशु मेले के समापन पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। करीब सौ वर्ष के बाद सैंज के बासा में मेला करवाया गया।
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मेला कमेटी, पंचायत के प्रतिनिधियों, पुरानी ठियोग रियासत से संबंधित राणा कीर्ति चंद और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं मुख्यमंत्री और बागवानी मंत्री का जोरदार स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय पीएचसी को अपग्रेड करने और वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला सैंज को मॉडल स्कूल बनाने के लिए यहां सात करोड़ की लागत से बनने वाले भवन का शिलान्यास किया।

मुख्यमंत्री ने लोनिवि के विश्रामगृह के चार कमरों का भवन बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने ठोडा दलों को पंद्रह-पंद्रह हजार रुपये भी दिए। सीएम वीरभद्र सिंह ने सैंज में पॉलीटेक्निकल कॉलेज खोलने का भी आश्वासन दिया। बिशु मेला कमेटी के प्रधान राजकुमार चौहान, ग्राम पंचायत सैंज के प्रधान राजेंद्र शर्मा ने मुख्य अतिथि का स्वागत और सम्मान किया।
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स्टोक्स बोलीं, सातवीं बार सीएम बनेंगे वीरभद्र   
बागवानी मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि वीरभद्र सिंह सातवीं बार मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के राज में प्रदेश में जमकर विकास हुआ है। विकास को लेकर कांग्रेस हमेशा आगे रही है। सरकार ने उद्यान क्षेत्र को सुदृढ़ करने के लिए 1,115 करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के साथ विश्व बैंक पोषित ‘हिमाचल प्रदेश उद्यान विकास परियोजना’ शुरू की है। सेब को ओलावृष्टि से सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने एंटी हेलनेट पर अनुदान को बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया है।

वार्षिक खेल कैलेंडर में शामिल होगा ठोडा खेल : वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि जिला स्तर पर ठोडा दलों की प्रतियोगिताओं के आयोजन किए जाएंगे और इसे वार्षिक खेल कैलेंडर में शामिल करने के लिए खेल विभाग को निर्देश जारी किए जाएंगे। मंगलवार को ठियोग के सैंज में 100 वर्ष बाद हुए ‘बिशु’ उत्सव के समापन की अध्यक्षता करते हुए सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि ठोडा हिमाचल का एक पारंपरिक खेल है और इसे बड़े पैमाने पर प्रोत्साहित करने की जरूरत है। सीएम बोले - हमें ‘पहाड़ी’ कहलाने पर भी गर्व होना चाहिए।

कहा कि ठोडा खेल हिमाचल के लोक नृत्य की एक आकर्षक विधा भी है। ये महाभारत काल में युद्ध के दौरान प्रयोग किए जाने वाले धनुष और बाण के कौशल को दर्शाती है। ठोडा में भाग लेने वाले प्रत्येक दल को 15 हजार रुपये की राशि की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस खेल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिस्पर्धाएं होनी चाहिए। शिक्षा ग्रहण कर बड़े नगरों एवं शहरों में नौकरी के बाद हमें अपनी भाषा बोलने और अपने रीति-रिवाजों का प्रदर्शन करने में झिझक नहीं होनी चाहिए। हमें अपने मंदिरों का भी संरक्षण करना चाहिए। जिन देवी-देवताओं की हम पूजा-अर्चना करते हैं, वे हमारे जीवन तथा दिनचर्या के अभिन्न हिस्सा हैं।
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