अफसरों की कार्यप्रणाली से नाखुश कांग्रेस विधायक राकेश कालिया ने मंगलवार को विधानसभा में अपनी ही सरकार को घेरा। कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र के लिए सीवरेज सुविधा उपलब्ध कराने को करोड़ों जारी हुए लेकिन अफसर काम नहीं करना चाहते।
क्षेत्र में शिलान्यास की पट्टिकाएं लगाई जा रही हैं। अब तो लोग यह कहते नजर आ रहे हैं कि बिना वजह से ही पट्टे लगाए जा रहे हैं। इस पर विपक्ष के नेता सहित सदस्यों ने टेबल थपथपाकर कालिया का समर्थन किया।
प्रश्न का उत्तर देने से पहले सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने कहा कि कालिया शरीफ आदमी हैं। मैं जानती हूं। उन्होंने विधायक को आश्वस्त किया कि इसी महीने से काम शुरू कर दिया जाएगा। कालिया ने नाराजगी जताई है कि गगरेट शहर को सीवरेज सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए 29 मार्च, 2012 में 13.73 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की थी, जो पर्याप्त बजट उपलब्ध न होने के कारण अधूरी है।
यदि योजना के लिए बजट ही उपलब्ध नहीं है, तो फाउंडेशन स्टोन रखने का क्या फायदा? उन्होंने कहा कि इस योजना के सिरे न चढ़ने के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। स्टोक्स ने कहा कि क्षेत्र के लिए 6 करोड़ रुपये का बजट जल्द जारी किया जाएगा। इस योजना के लिए उपयुक्त बजट जारी किया गया है तथा निविदाएं आमंत्रित करने के लिए विभागीय प्रक्रिया जारी है।
वीरभद्र ने समय पूर्व बजट सत्र स्थगित होने के दिए संकेत
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने समय पूर्व बजट सत्र स्थगित होने के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि हाउस एडजॉर्न को जाएगा तो उसके बाद वह भोरंज उपचुनाव में प्रचार को चले जाएंगे। वीरभद्र सिंह मंगलवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे।
बजट सत्र अभी तक शेड्यूल के अनुसार सात अप्रैल को खत्म होगा और उपचुनाव नौ अप्रैल को है।
सात अप्रैल को ही प्रचार का समय भी समाप्त हो रहा है। भोरंज उपचुनाव पर उन्होंने कहा कि यह सीट काफी समय से भाजपा के पास है, मगर इस बार कांग्रेस इस सीट को उनके हाथों से छीनकर जीतना चाहती है।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा - हम चाहते हैं कि हाउस चले, लेकिन विपक्ष सदन में बैठने को तैयार ही नहीं है। बजट पर कई तरह की बहस होती है, पर विपक्ष इसके लिए तैयार ही नहीं है। वीरभद्र सिंह ने कहा कि जब बजट सत्र का सारा एजेंडा खत्म होगा, तो सत्र स्थगित हो जाएगा।
‘फ्लैट के लिए बलवीर से संपर्क में होंगे एमएलए’
चौपाल रैली में निर्दलीय विधायक बलवीर सिंह वर्मा के कांग्रेस के चार-पांच एमएलए के भाजपा के संपर्क में होेने के दावे को लेकर आए बयान पर सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा - उनके संपर्क में फ्लैट खरीदने के लिए होंगे। बलवीर सिंह वर्मा ने हाल ही में भाजपा का दामन थामा है।
जंगली-जानवरों को बेरहमी से मारने वाले होंगे दंडित
वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा है कि जंगली-जानवरों को बेरहमी से मारने वालों को सरकार दंडित करेगी। जोगिंद्रनगर के भाजपा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर ने मंगलवार को सदन में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाते हुए मंडी जिले के खजूर गांव में तेंदुए को बेरहमी से मारने का मामला उठाया और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया।
गुलाब सिंह ठाकुर ने कहा कि इस मामले को ‘अमर उजाला’ के 23 मार्च के अंक में प्रमुखता से छापा गया। इसी पर वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने अपना जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जंगली-जानवरों पर अपराध बढ़ रहे हैं। भरमौरी ने कहा कि खजूर गांव में जिस तरह से तेंदुआ मारा गया, वह बहुत ही गलत है। तेंदुए का वहां पर सिर काटा गया। पैर काटे गए।
वहां पर जिस हालत में मारे गए तेंदुए को देखा गया, वह दिल दहलाने वाला है। ऐसी घटनाएं अक्सर हो जाती हैं। ऐसे मामलों की निगरानी की जानी जरूरी है। इसके जवाब में वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी ने कहा कि जंगली-जानवरों के लिए वन विभाग गंभीर है।
उन्होंने कहा कि इस पर जोगिंद्रनगर में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। अभी तक की जांच में इस बारे में कोई ठीक सुराग नहीं मिला कि ये सब कैसे हुआ। सरकार इस जुर्म को अंजाम देने वालों को दंडित करेगी। उन्होंने बताया कि वे सदन को स्पष्ट करना चाहते कि इस बारे में भविष्य में कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों पर गंभीर कार्रवाई होगी।
सामाजिक सुरक्षा पेंशन को लेकर विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नों की बौछार हुई। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल को एक के बाद एक भाजपा विधायकों के प्रश्नों के उत्तर देने पड़े। विधानसभा में 15 मिनट तक यही प्रश्न चला। भाजपा विधायकों का आरोप था कि विधवा, अपंग और बुजुर्गों को पेंशन देने के लिए सरकार का कोई क्राइटीरिया नहीं है। सालों बाद लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन मिल रही है।
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने जहां सामाजिक पेंशन को लेकर केंद्र सरकार से आनी वाली राशि का ब्यौरा मांगा वहीं भाजपा विधायक विक्रम जरियाल ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में लोगों को 1 साल बाद भी सामाजिक पेंशन नहीं मिल रही है। भाजपा विधायक जय राम ठाकुर ने सबसे बड़े जिले कांगड़ा की अपेक्षा मंडी में ज्यादा सामाजिक पेंशन धारक होने पर आपत्ति जताते हुए कारण पूछा। भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज, महेंद्र सिंह और कृष्ण लाल ठाकुर ने भी इससे संबंधित सवाल पूछे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री धनी राम शांडिल ने कहा है कि राज्य में इस समय 3,89,168 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 15 फरवरी, 2017 तक राज्य में पेंशन के 24,679 मामले लंबित हैं। लंबित मामलों का निपटारा 5 से 6 माह के भीतर होगा। इसी तरह राज्य सरकार ने 4 साल में 1,6,616 लोगों की पेंशन योजना से जोड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेंशन की अदायगी जनजातीय क्षेत्रों में 6 और अन्य क्षेत्रों में 3 माह में पेंशन दी जाती है।
उन्होंने कहा कि बिलासपुर जिला में 28,055, चंबा में 29,924, पांगी में 1,524, भरमौर में 3,474, हमीरपुर जिला में 25,558, कांगड़ा में 76,224, कुल्लू में 26,445, मंडी में 78,691, शिमला में 46,078, डोडरा कवार में 732, सिरमौर में 24,582, सोलन में 17,415, ऊना में 23,299, किन्नौर में 4,804, लाहौल में 1,529 और स्पीति में 834 लोगों को पेंशन व भत्ते दिए जा रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने कहा कि विधवा पेंशन में 300 केंद्र जबकि 350 प्रदेश सरकार का हिस्सा है। इसी तरह अपंगता पेंशन में 300 रुपये केंद्र जबकि 900 रुपये प्रदेश सरकार दे रही है। इसी तरह 6 तरह की पेंशन योजनाएं हैं।
सभी जिला अस्पतालों में बनेगी ऑनलाइन पर्ची : कौल सिंह
हिमाचल के सभी जिला अस्पतालों में ऑनलाइन पर्ची बनेगी। ये जानकारी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने मंगलवार को हिमाचल विधानसभा में कटौती प्रस्ताव पर जवाब देते हुए दी। उन्होंने कहा कि हिमाचल के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में ऑनलाइन पर्ची सिस्टम शुरू कर दिया गया है, जबकि राज्य के अन्य सभी जिला अस्पतालों में भी जल्द शुरू कर दिया जाएगा। घर बैठकर ही डाक्टर से चेकअप का समय लिया जा सकेगा। कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि अनुबंध डाक्टरों के वेतन बढ़ाने का मामला वित्त विभाग को भेज दिया गया है।
कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में शिशु मृत्यु दर 2015-16 में घटकर 28 तक पहुंच गई है, जबकि 2012 में यह दर 36 थी। राज्य सरकार ने शिशु मृत्यु दर को 2022 तक घटाकर 20 तक लाने का लक्ष्य रखा है। आशा वर्करों की तैनाती मेरिट आधार पर हुई है। विपक्ष का यह कहना निराधार है कि विपक्ष का भर्ती में घोटाला हुआ है। उन्होंने सोलन जिले के बागा में ईएसआई डिस्पेंसरी खोलने का मामला केंद्र से उठाने की बात कही।
हिमाचल में एक आदमी के स्वास्थ्य पर खर्च हो रहे 26 हजार रुपये
कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में एक आदमी के स्वास्थ्य पर हर साल 26 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। हिमाचल को वर्ष 2022 तक क्षय रोग मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि टोल फ्री नंबर 104 के माध्यम से रोगी डाक्टराें से परामर्श लिया जा सकता है। ट्रोल फ्री नंबर के माध्यम से 25,795 लोग डाक्टरों से परामर्श ले चुके है। उन्होंने कहा कि जल्दी ही मेडिकल यूनिवर्सिटी खोली जा रही है, जो प्रदेश के सभी स्वास्थ्य संस्थानों की देखरेख करेगी।