कांग्रेस की अंदरूनी जंग पर चुप्पी तोड़ते हुए हमीरपुर विधायक राजेंद्र राणा ने पूर्व सीएम वीरभद्र के विरोधी गुट पर पलटवार किया है। राणा ने कहा कि कांग्रेस की आड़ लेकर धूमल परिवार को फायदा पहुंचाने वाले आज बेनकाब हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह लोग अंदरखाते कांग्रेस पर वार और धूमल परिवार से प्यार निभाते रहे। अब यह लोग फिर सक्रिय हो गए हैं। राणा ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने लिए या बेटे अभिषेक के लिए टिकट की मांग नहीं की है।
जब ऐसा कुछ हुआ ही नहीं और हाईकमान के समक्ष बात रखी भी नहीं गई तो हमीरपुर के मुट्ठीभर लोग क्यों बेचैन हो रहे हैं। राणा ने कहा कि अगर वीरभद्र सिंह ने अभिषेक के नाम की पैरवी की है तो यह उनकी सियासी नजर और जनता की नब्ज समझने की काबलियत है।
राणा ने सीधी चुनौती देते हुए कहा कि चंद कांग्रेसी यह लड़ाई सिर्फ उस धूमल परिवार को राहत देने की कोशिश में हैं, जो जिनकी सियासी जमीन सिमट गई है। राणा ने कहा कि अगर इन कांग्रेस विरोधियों को अपनी ताकत पर इतना ही भरोसा है
तो वह खुद मैदान में उतरें या फिर गारंटी के साथ चुनावी मैदान के लिए नाम सुझाएं। राणा ने कहा कि वह न तो टिकट की रेस में थे न हैं। उनका मकसद सिर्फ कांग्रेस की जीत को पक्का करना है। उन्होंने कहा कि वे राहुल और सोनिया गांधी के समक्ष तमाम तथ्य रखेंगे।