उन्होंने मर चुके विस्थापितों को बांध के मुख्य द्वार पर श्रद्धांजलि दी और उनकी याद में एक स्मारक बनाने व विस्थापितों के बच्चों को सरकारी नौकरियों में आरक्षण देने की मांग उठाई। उन्होंने दो टूक कहा कि मुआवजा न मिला तो उनकी जमीनें वापस करें नहीं तो वे डैम का पानी नहीं चढ़ने देंगे।
उन्होंने कहा कि विस्थापित कानून के दायरे में रह कर काम कर रहे हैं। विस्थापितों को सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ मिला, लेकिन राजस्थान सरकार ने मुआवजा नहीं दिया। छह माह के अल्टीमेटम के बाद वह राजस्थान सरकार के साथ हुए करार को नहीं मानेंगे।