शिमला। जुब्बल क्षेत्र से जुड़े एक चर्चित मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने अहम निर्णय सुनाते हुए कानून के संघर्षरत किशोर को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। पुलिस थाना जुब्बल में वर्ष 2022 में भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 376 और पाॅक्सो अधिनियम की धारा 4 के तहत मामला दर्ज हुआ था। सुनवाई के दौरान बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट और अन्य सदस्य की अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि पीड़िता को जबरन ले जाया था। सबूतों और गवाहों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि पीड़िता अपनी मर्जी से थी और दोनों को उत्तराखंड के देहरादून बस स्टैंड पर सामान्य स्थिति में बैठे हुए पकड़ा था। मेडिकल रिपोर्ट और एसएफएसएल की डीएनए जांच में भी आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। संवाद