कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया और शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार पर कड़ा पलटवार किया है। मंत्रियों ने कहा कि छह बार मुख्यमंत्री रहे वीरभद्र सिंह के खिलाफ अशोभनीय टिप्पणी शांता कुमार को शोभा नहीं देती।
शांता का बयान खुद उन पर सटीक बैठता है। शांता स्वयं शारीरिक, मानसिक एवं नैतिक रूप से कमजोर पड़ गए हैं। राजनीतिक रूप से जीवित रहने की लड़ाई लड़ रहे हैं। अपनी बयानबाजी की वजह से वे पार्टी के भीतर मुंह की खा चुके हैं और अब पार्टी में वर्चस्व के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
भाजपा के ही कनिष्ठ नेता शांता कुमार के खिलाफ खुलकर बयानबाजी कर रहे हैं। मंत्रियों ने शांता को सुझाव दिया कि वे अपने राजनीतिक वजूद के लिए इस तरह की बयानबाजी करने से गुरेज करें। ऐसे बयानों से उन्हें कोई फायदा होने वाला नहीं है।
मंत्रियों ने कहा कि वीरभद्र सिंह की अगुवाई वाली कांग्रेस सरकार के विकास कार्यों से कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व पूरी तरह संतुष्ट है और उनके साथ खड़ा है। सीबीआई जांच पर मंत्रियों ने कहा कि आरोपों के रहते ही वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव हुए थे और जनता ने भारी बहुमत से कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी।