स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार
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स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह क्लीनिकों और अल्ट्रासाउंट सेंटर का निरीक्षण कर भ्रूण जांच कराने वालों को सलाखों के पीछे भेजें।
परमार ने यह आदेश गर्भधारण पूर्व और प्रसूति पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिशोध) अधिनियम एवं नियम के तहत राज्य स्तरीय पर्यवेक्षण बोर्ड की 9वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इसमें 22 सरकारी व 17 गैर सरकारी सदस्य सरकार की ओर से अधिसूचित किए गए हैं।
राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. महेश जसवाल ने इस अधिनियम एवं नियम और जिलावार लिंगानुपात के बारे में सभी सदस्यों को विस्तार से जानकारी दी।
राज्य कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल कल्याण विभाग सुरेश शर्मा ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के बारे में अवगत करवाया।
मंत्री ने यह भी आदेश दिए कि इस तरह की बैठकों का आयोजन अधिनियम के प्रावधान अनुसार समयावधि पर किया जाए। उन्होंने अफसरों को व्हाट्सएप ग्रुप बनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर विधायक रीता धीमान, कमलेश कुमारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव (आयुर्वेद) संजय गुप्ता, अतिरिक्त स्वास्थ्य सचिव संदीप नेगी, स्वास्थ्य सुरक्षा एवं विनियमन निदेशक व सदस्य सचिव डॉ. नरेश कुमार लठ, स्वास्थ्य व अन्य विभाग के राज्य स्तरीय अधिकारी, विभिन्न जिलों के गैर सरकारी सदस्य व जिले के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारी शामिल हुए।