हिमाचल में अब पांच के बजाय आठ हेक्टेयर तक के खनन पट्टे केवल हिमाचलियों को ही दिए जाएंगे। इससे अधिक हेक्टेयर के पट्टे हिमाचली या बाहरी राज्यों का कोई भी व्यक्ति ले सकता है। उद्योग विभाग ने निर्णय लिया है कि सरकारी पट्टे अब लीज पर देने के बजाय नीलाम किए जाएंगे।
विभाग ने यह कदम आमदनी बढ़ाने के मद्देनजर लिया है। प्रदेश में सरकारी खनन पट्टों की संख्या सैकड़ों में है। इन्हें अब नीलाम किया जाएगा। इसकी प्रक्रिया ऊना जिला से शुरू कर दी गई है। उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को यहां कहा कि शुरू में ऊना, सिरमौर और सोलन जिले के खनन पट्टे नीलाम किए जाएंगे।
उसके बाद प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी नीलामी प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इस बार खनन पट्टे देने में हिमाचलियों को तरजीह दी जा रही है। उन्होंने बताया कि खनन पट्टों से पिछले साल हिमाचल की 147 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। पट्टों की नीलामी से यह आय और बढ़ जाएगी।
जल्द भरे जाएंगे रिक्त 43 पद
मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि उद्योग विभाग में खनन प्रक्रिया को पटरी पर लाने के लिए 43 रिक्त पदों को जल्द भरा जाएगा। इनमें 16 पद इंस्पेक्टरों के भरे जाने हैं। दो माइनिंग अधिकारियों, एक लॉ अधिकारी और कई अन्य पदों को भरा जाना है। उन्होंने कहा कि खनन से संबंधित 1500 मुकदमे अदालतों में चल रहे हैं। इनके निपटारे की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी।