चंबा के करीब 1592, मंडी के 3367, हमीरपुर के 1778, लाहौल-स्पीति के 521, किन्नौर के 657, कुल्लू के 479, ऊना के 850 और शिमला के 4026 और गांवों के लिए यह सुविधा शुरू कर दी हैं।
जिला सोलन के करीब 2567 गांवों का राजस्व रिकॉर्ड 90 प्रतिशत कार्य ऑनलाइन कर दिया है। दिसंबर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा है। डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम के वरिष्ठ प्रोग्रामर पंकज मिश्रा ने कहा कि इससे किसान अब घर बैठे ऑनलाइन मुसाबी हासिल कर सकेंगे।
किसानों को मुसाबी लेने के लिए अभी तक पटवार सर्कल के चक्कर काटने पड़ते थे। इसके बाद पटवारी को राजस्व रिकॉर्ड रूम से मुसाबी को निकालते थे और इसे मैन्युअल तरीके से बनाते थे। इस पूरी प्रक्रिया में कई बार काफी दिन लग जाते थे।
गांव का नक्शा भी मिलेगा
किसानों की भूमि के विवरण के अलावा पूरे गांवों का नक्शा भी ऑनलाइन प्राप्त होगा। इसके अलावा गांवों से जुड़े अन्य गांव की डिटेल भी हासिल होगी।