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हिमाचल प्रदेश: नर्सरी के बच्चों के लिए मिड-डे मील का बजट देना भूल गई सरकार

Mon, 15 Oct 2018 10:22 AM IST
मणिकुमार सरोआ, अमर उजाला, ऊना
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हिमाचल के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के चक्कर में सरकार बच्चों के लिए दोपहर के समय पौष्टिक आहार के लिए बजट मुहैया कराना ही भूल गई है। शिक्षकों की मांग के अनुसार सरकार ने सरकारी स्कूलों में अक्तूबर से नर्सरी की कक्षाएं तो शुरू कर दी हैं, लेकिन इन नौनिहालों को दोपहर के समय अन्य विद्यार्थियों की तरह आहार देने के लिए बजट की व्यवस्था नहीं हो पाई है। अब स्कूल प्रबंधन अपने खाते से नर्सरी कक्षाओं के विद्यार्थियों को मिड-डे मील खिला रहे हैं। 

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स्कूलों में मिड-डे मील के लिए राशन की सप्लाई बच्चों की पंजीकृत संख्या के हिसाब से होती है। इसी संख्या पर प्रति विद्यार्थी मिड-डे मील का बजट जारी होता है। स्कूलों के पास चूंकि नर्सरी कक्षा के विद्यार्थियों का बजट नहीं है। ऐसे में अन्य विद्यार्थियों के हिस्से से ही दोपहर का खाना खिलाया जा रहा है। यही वजह है कि विद्यार्थियों को भरपेट मिड-डे मील नहीं मिल पा रहा है।

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10 अक्तूबर तक होने थे दाखिले

शिक्षा निदेशालय के निर्देशों के अनुसार प्राथमिक स्कूलों में एक से 10 अक्तूबर तक ही नर्सरी कक्षा के लिए बच्चों के दाखिले करने के निर्देश जारी किए गए थे।

प्रदेश में 3391 स्कूलों में शुरू हुई हैं नर्सरी कक्षाएं
सरकार और शिक्षा निदेशालय की ओर से हिमाचल में 3391 प्राथमिक स्कूलों में नर्सरी की कक्षाएं शुरू की गई हैं। इन स्कूलों में 17 हजार से अधिक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करेंगे। जिला ऊना में 158 प्राथमिक स्कूलों में नर्सरी कक्षाएं शुरू की गई हैं। इनमें करीब चौदह सौ तक विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करेंगे। 

जल्द जारी करवाया जाएगा बजट : गुलेरिया
शिक्षा उपनिदेशक एचआर गुलेरिया ने बताया कि नर्सरी कक्षा के विद्यार्थियों को मिड-डे मील दिया जा रहा है। इसके लिए सरकार की ओर से जल्द स्कूल प्रबंधनों को बजट जारी करवा दिया जाएगा।
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