बर्फ के बीच माइनस 12 डिग्री तापमान में भी हिमाचल के लाहौल स्पीति जिले की घाटी के नौनिहाल प्राथमिक स्कूलों में शत प्रतिशत हाजिरी दर्ज कर रहे हैं। घाटी के तिनन और म्याड़ के कई बच्चे खराब मौसम में एक किलोमीटर दूर बर्फ के बीच कदमताल कर रोजाना स्कूलों में हाजिरी दे रहे हैं।
दुर्गम क्षेत्र में नौनिहालों की पढ़ाई में अध्यापकों के साथ-साथ अभिभावक भी विशेष रोल अदा कर रहे हैं। घाटी के मौसम व बर्फीली हवाओं के बीच नौनिहालों के लिए स्कूल पहुंचना काफी मुश्किल भरा रहता है। लाहौल घाटी के 130 प्राथमिक स्कूलों में शत प्रतिशत हाजिरी दर्ज की जा रही है। इन स्कूलों में 771 बच्चे पहली से पांचवीं कक्षा तक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
माइनस 12 डिग्री में लाहौल के स्कूलों में शत प्रतिशत हाजिरी
जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर से अब तक घाटी के विभिन्न प्राइमरी स्कूलों में पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों की हाजिरी का पता किया तो स्कूलों में उपस्थिति शत प्रतिशत रही हैं। अभिभावक रमेश कुमार, श्याम लाल, दिनेश कुमार, मीनाक्षी, सविता और रजनी ने कहा कि माइनस तापमान और बर्फबारी के बीच बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।
इधर, शिक्षा उपनिदेशक लाहौल प्रेम नाथ परशीरा ने बताया कि घाटी के दूर दराज इलाकों में कई बच्चों को बर्फबारी के बीच परेशानियों के दौर से गुजरना पड़ता है। बावजूद इसके स्कूलों में बच्चों की हाजिरी सराहनीय है। उपायुक्त लाहौल-स्पीति विवेक भाटिया ने प्राइमरी स्कूलों में शत प्रतिशत हाजिरी देने पर अध्यापकों के साथ अभिभावकों के सहयोग के लिए बधाई दी है।
चार फुट बर्फ में 13 किमी सफर कर अस्पताल पहुंचाई बुजुर्ग
बालीचौकी (मंडी)। जिला के दुर्गम क्षेत्रों में बर्फबारी के दौरान पालकी ही सहारा है। यहां लचर स्वास्थ्य सुुविधाओं के आगे जिंदगियां दम तोड़ने को विवश हैं। विपरीत हालातों में महज पालकी ही एक सहारा बनकर रह गई है। जिला की सराज घाटी की दुर्गम पंचायत गाड़ागुसैणी में बर्फबारी क्षेत्र के लोगों के लिए आफत बनकर बरपी है।
हर दिन कोई न कोई बीमार हो रहा है। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं की पोल पूरी तरह से खुल गई है। क्षेत्र के लोग तीन से चार फुट बर्फबारी में 20-25 किलोमिटर पैदल चलकर पालकियों में मरीजों को उठाकर अस्पताल पहुंच रहे हैं। मंगलवार को जहां सात दिन के नवजात और प्रसूता मां को शून्य डिग्री तापमान में 25 किमी सफर करके बच्चों को अस्पताल पहुंचाना पड़ा था।
वहीं, बुधवार को एक बुजुर्ग महिला अचानक बीमार हो गई। महिला को 13 किमी पालकी में उठाकर गाड़ी तक पहुंचाया गया। जिला मंडी की सीमा से सटे जिला कुल्लू की पंचायत सराज के पाटन गांव से संबंध रखने वाली रूकमणि 75 पत्नी मनसुख की अचानक तबीयत खराब हो गई। ग्रामीणों के सहयोग से चार फुट बर्फ में पालकी में उठाकर 13 किमी सफर कर बड़ी मशक्कत के बाद छोई देवता के पास गाड़ी तक पहुंचाया गया।
अभी भी सुविधाओं के लिए तरस रहे लोग
ग्राम पंचायत गाड़ागुसैणी के प्रधान ललित कुमार का कहना है कि गाड़ागुसैणी क्षेत्र जिला कुल्लू की 7 पंचायतों और जिला मंडी की 4 पंचायतों का केंद्र है। बावजूद इसके सरकार यहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने यहां पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की मांग उठाई है।
ग्रामीणों उत्तम राम, घनश्याम सिंह, राजू, दिलू सहित अन्य लोगों का कहना है कि हर दूसरे दिन क्षेत्र में कोई न कोई व्यक्ति बीमार पड़ रहा है। लचर स्वास्थ्य सुविधाओं के चलते लोगों को खासी दिक्कतों का सामाना करना पड़ रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गाड़ागुसैणी में सुविधाओं के नाम पर महज बोर्ड है।
लोक निर्माण विभाग गोहर के अधिशाषी अभियंता नंदलाल ने कहा कि भारी बर्फबारी के कारण क्षेत्र का घाट और खौली सड़क बाधित है। गाड़ागुसैणी में सड़क बहाल होने के बाद जल्द ही घाट और खौली सड़कों पर मशीनों से बर्फ हटाकर सड़क को बहाल कर दिया जाएगा।