हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल ज्वालाजी के बस्ती कोहाला में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां के एक मनोरोगी को लड़ाई-झगड़ा करने और कोरोना संक्रमित होने पर पहले पत्नी और फिर भाइयों ने भी दर-दर भटकने के लिए छोड़ दिया। अब कोरोना को मात देने वाले अजय शर्मा को अदालत के आदेश पर इलाज के लिए बालूगंज अस्पताल शिमला भेज दिया गया है।
यह सारा घटनाक्रम नौ मई को शुरू हुआ था।
हिरन पंचायत के पूर्व प्रधान प्रदीप कुमार, पवन कुमार व मुनीश कुमार के अनुसार अजय शर्मा (46) को उसकी पत्नी व साला नौ मई को सोलन से घर लेकर आए। 10 मई को अजय की पत्नी ने स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी कि उसका पति कोरोना पॉजिटिव है और मानसिक परेशानी की वजह से लड़ाई-झगड़ा कर रहा है। विभाग ने अजय को कोविड सेंटर डाढ़ भेज दिया और पत्नी भी 10 मई को सोलन रवाना हो गई।
अजय शर्मा को 11 मई को कोई एंबुलेंस शाम को कोहाला छोड़ गई और वह लोगों के घरों में आने-जाने लगा। इससे गांव के लोगों को संक्रमित होने की संभावना थी।12 मई को स्थानीय लोगों व स्वास्थ्य कर्मियों की सहायता से इसे ज्वालामुखी अस्पताल लाया गया। पत्नी से संपर्क किया गया तो पत्नी ने पति को अपने साथ रखने से मना कर दिया। जब उसके भाइयों से बात की गई तो उन्होंने भी उसे रखने में असमर्थता जताई। डॉक्टर ने मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए इसे उपचार के लिए शिमला रेफर किया था। पुलिस ने इस मामले को अदालत में पेश किया।
अदालत ने आदेश पारित किया कि अजय को इलाज के लिए कोविड सेंटर टांडा भेजा जाए। 16 मई को टांडा से पुलिस को सूचना मिली कि व्यक्ति की रिपोर्ट अब निगेटिव आई है। अब इसे मानसिक उपचार के लिए बालूगंज शिमला भेजा जाए। अदालत के आदेशानुसार मानसिक रोगी को उपचार के लिए ज्वालामुखी पुलिस ने कांस्टेबल सन्नी कुमार व पवन कुमार के साथ बालूगंज शिमला रवाना किया। मामले की पुष्टि डीएसपी तिलकराज ने की है।