बीसीएस में नशा निवारण समिति की बैठक में सख्ती बढ़ाने का फैसला, क्षेत्र में 24 घंटे पुलिस गश्त बढ़ाने का निर्णय
तहसीलदार शिमला ग्रामीण संजीव गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक, क्षेत्र के रेड जोन में होने पर जताई चिंता
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। बीसीएस क्षेत्र में बढ़ते नशे के मामलों को देखते हुए नशा निवारण समिति ने सख्ती बढ़ाने का फैसला लिया है। रविवार को तहसीलदार शिमला (ग्रामीण) संजीव गुप्ता की अध्यक्षता में समिति की बैठक हुई। बैठक में वार्ड पार्षद सहित क्षेत्र के प्रबुद्ध लोगों ने भाग लिया। बीसीएस क्षेत्र में बढ़ती नशाखोरी को लेकर चर्चा की गई। क्षेत्र को नशे की दृष्टि से रेड जोन के रूप में चिह्नित किया गया है। इसको देखते हुए समिति ने नशे की रोकथाम के लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और पुलिस गश्त बढ़ाने का निर्णय लिया है।
बैठक में तय किया गया कि बीसीएस क्षेत्र में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की जाएगी। इसके अलावा क्षेत्र के सभी पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कोचिंग संस्थानों के मुख्य द्वार के सामने भी निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया गया है। बैठक में क्षेत्र में 24 घंटे नियमित और प्रभावी पुलिस गश्त सुनिश्चित करने पर भी सहमति बनी।
समिति ने अभिभावकों से अपील की कि वे नशे के खिलाफ अभियान में समिति और पुलिस का सहयोग करें। समिति ने कहा कि सामूहिक प्रयासों से क्षेत्र को नशामुक्त बनाने के साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया जा सकता है। जिला पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रही है तो वहीं अब क्षेत्रों को नशा तस्करी के मामलों के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटकर वहां युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।