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शहर के जंगल वापस लेने और कार्टरोड पर मल्टी स्टोरी पार्किंग खरीदने की तैयारी

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नगर निगम प्रशासन ने सदन में लाया प्रस्ताव, पार्षदों के ऐतराज के बाद अगले सदन तक टाला
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56 करोड़ में पार्किंग खरीदने की है योजना
यहां बनाया जाएगा नगर निगम दफ्तर
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहरवासियों को पार्किंग की सुविधा देने के लिए सर्कुलर रोड पर लिफ्ट के पास बनाई गई मल्टी स्टोरी पार्किंग को अब नगर निगम खरीदने की तैयारी कर रहा है। 56 करोड़ रुपये में इसे खरीदने की योजना है।
पीपीपी मोड पर बनाई इस पार्किंग में निगम अपना दफ्तर खोलने का दावा कर रहा है। मंगलवार को नगर निगम सदन में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए लाया गया था। लेकिन पार्षदों के विरोध के बाद इसे अगले सदन के लिए टाल दिया। निगम प्रशासन का कहना था कि शहरवासियों को एक छत के नीचे नगर निगम की सेवाएं देने के लिए इस पार्किंग का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे जुड़ा मामला कोर्ट में भी चल रहा है। निगम ने पहले सब्जी मंडी में स्मार्ट सिटी के तहत निगम कार्यालय बनाने का भी प्रस्ताव बनाया है। लेकिन यहां पार्किंग की कमी के चलते इसे अब लिफ्ट पार्किंग में बनाने की योजना है। पार्किंग संचालक से भी इस बारे में बात कर ली है। संचालक करीब 56 करोड़ रुपये में यह पार्किंग एमसी को दे देगा। निगम सरकार से यह पैसा देने के लिए प्रस्ताव भेज सकता है। पार्षद दिवाकर देव शर्मा, राकेश चौहान, किमी सूद, सुनील धर और पूर्व मेयर कुसुम सदरेट समेत कई पार्षदों ने इस पर ऐतराज जताया। कहा कि समझौते के अनुसार यह पार्किंग कुछ साल बाद खुद ही निगम को मिल जाएगी। ऐसे में इसे नहीं खरीदना चाहिए। इस पर अब अगले सदन में चर्चा होगी।
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जंगल वापस लेने के लिए निगम को देने होंगे तीन करोड़
शहर के जंगल वापस लेने के लिए नगर निगम को सालाना तीन करोड़ रुपये देने होंगे। इसके बाद ही जंगल का कुछ हिस्सा निगम को मिलेगा। इसके बदले भी तीन करोड़ लिए जाएंगे। हालांकि, निगम ने दोबारा यह प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है। निगम ने पूरा जंगल देने की मांग की है। सदन ने ठेकेदारों की परफार्मेंस गारंटी भी दस से घटाकर पांच फीसदी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
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149 बिल ठीक, सिर्फ तीन गलत
पेयजल कंपनी की ओर से दस हजार से ज्यादा पानी के बिलों की जांच में अब तक 152 बिलों की रिपोर्ट आ गई है। एजीएम गोपाल कृष्ण ने बताया कि इनमें से 149 सही है और भवन मालिकों को यह बिल देने होंगे। तीन बिल गलत लग रहे हैं, जिन्हें ठीक किया जाएगा। पार्षद सुनील धर ने एनओसी के बाद भी पिछला बिल देने पर कंपनी पर सवाल उठाए। पार्षद किरण बावा, विवेक शर्मा समेत कई पार्षदों ने तीसरे दिन पानी देने, टुटू में 24 घंटे पानी देने के पायलट प्रोजेक्ट को शुरू न करने पर भी सवाल उठाए।
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