फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Cement Plants Dispute: सीमेंट विवाद पर ढाई घंटे बैठक, सीएम से भी मिले, 5 मुद्दों पर फिर भी नहीं बनी बात

Thu, 12 Jan 2023 09:22 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

बैठक में उप समिति ने प्रति किलोमीटर डीजल का खर्च ढाई से तीन रुपये बताया जबकि ट्रक ऑपरेटर यूनियनें इसे साढ़े तीन रुपये बता रही हैं। इसी तरह प्रति वर्ष बीमा का खर्च 48 हजार रुपये बताया जबकि ऑपरेटर इसे 53 हजार रुपये बता रहे हैं।
विज्ञापन
बरमाणा में ट्रक ऑपरेटरों का प्रदर्शन। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अदाणी समूह और ट्रक ऑपरेटरों के बीच सीमेंट ढुलाई मालभाड़े पर उपजा विवाद थम नहीं रहा। विवाद सुलझाने के लिए गुरुवार को उप समिति के साथ चौथे दौर की ढाई घंटे तक बैठक में दोनों पक्ष आमने-सामने बैठाए। इसके बाद ऑपरेटरों ने सचिवालय में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी बैठक की, लेकिन पांच मुद्दों पर बात फिर भी नहीं बनी। सीएम ने ऑपरेटर यूनियन के पदाधिकारियों को जल्द मामला सुलझाने की बात कही।  सीएम से मिलने से पहले गुरुवार दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई बैठक में उप समिति ने प्रति किलोमीटर डीजल का खर्च ढाई से तीन रुपये बताया, जबकि ट्रक ऑपरेटर यूनियनों ने इसे 3.50 रुपये बताया। वहीं, प्रति वर्ष बीमा खर्च 48 हजार रुपये बताया, जिसे ऑपरेटर 53 हजार बता रहे। टायर और अन्य खर्च हर साल 98 हजार बताया, जिसे ऑपरेटर 1.60 लाख बता रहे हैं। लोन पर ब्याज प्रति वर्ष उप समिति ने 74 हजार रुपये बताया, तो ऑपरेटर इसे 1.35 लाख रुपये बता रहे हैं।

विज्ञापन


इन सभी खर्चों को मिलाकर उप समिति ने प्रति किलोमीटर भाड़ा 10.78 रुपये बताया, जबकि ऑपरेटर इसे 11.50 रुपये मांग रहे हैं। उप समिति ट्रक की हर साल घटती वैल्यू को 98 हजार बता रही है, जबकि ऑपरेटर इसे 1.60 लाख बता रहे हैं। बैठक में यूनियनों ने कहा कि ट्रक का खर्च इससे कहीं ज्यादा है। लिहाजा, बैठक में मालभाड़ा तय नहीं हो पाया। बैठक में मौजूद कंपनी अधिकारियों ने चुप्पी साधे रखी। वहीं, ट्रक ऑपरेटर यूनियनों ने उप समिति को प्रस्ताव सौंप दिया है। अब दो दिन बाद इस पर फैसला होने के आसार हैं। दूसरी ओर ट्रक ऑपरेटरों ने अपना विरोध जारी रखने का फैसला लिया है। सोलन जिला ट्रक ऑपरेटर संघ के पूर्व प्रधान रामकृष्ण ने बताया कि बैठक में पांच मसलों पर सहमति नहीं बन पाई है। सीएम के साथ हुई बैठक में सीपीएस संजय अवस्थी भी मौजूद रहे। 

बरमाणा में 29वें दिन भी धरना-प्रदर्शन, अदाणी के खिलाफ नारेबाजी
उधर, बरमाणा में सीमेंट प्लांट बंद होने के 29वें दिन भी ट्रक ऑपरेटरों का धरना-प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान अदाणी समूह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।  वहीं, बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर ने बताया कि इसी हफ्ते सकारात्मक परिणाम निकलने की उम्मीद है। शिमला में उप समिति की बैठक में दोनों पक्षों को सुना गया है। उम्मीद है कि सरकार उनके पक्ष में रिपोर्ट बनाएगी और ट्रक ऑपरेटरों को घाटा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि साल 2005 में तय हुए फार्मूले के अनुसार ही मालभाड़ा कम और ज्यादा होता है, जिसमें गाड़ी के कल पुर्जों और अन्य ऑपरेटिंग लागत शामिल होती है। अदाणी समूह ने आज तक न रेट बढ़ाए हैं और न बढ़ने दे रहा है। मालभाड़ा कम करने के लिए प्लांट को बंद कर दबाव बनाया जा रहा है। कोषाध्यक्ष सुरेश चौधरी ने कहा कि बरमाणा सीमेंट प्लांट बंद होने से लाखों लोगों की आजीविका पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दाड़लाघाट में ट्रक ऑपरेटरों ने निकाली आक्रोश रैली 

दाड़लाघाट में अंबुजा सीमेंट प्लांट बंद करने के विरोध में वीरवार को भी ट्रक ऑपरेटरों का प्रदर्शन जारी रहा। ऑपरेटर अंबुजा प्लांट के मुख्य द्वार पर इकट्ठा हुए और आक्रोश रैली निकालकर अदाणी समूह के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली रोज की तरह अंबुजा गेट से निकलकर दाड़लाघाट बस स्टैंड से होते हुए वापस अंबुजा चौक पर पहुंची। इस दौरान ट्रक ऑपरेटरों को भूतपूर्व सैनिक सभा बरमाणा का साथ भी मिला। अंबुजा चौक पर करीब दो घंटे तक ऑपरेटरों ने प्रदर्शन किया। हालांकि, वीरवार को सरकार की ओर से गठित उप समिति की बैठक शिमला में पूर्व निर्धारित थी। ट्रक ऑपरेटर 30 दिनों से शांतिप्रिय ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं। ऑपरेटरों ने दो टूक कहा है कि अदाणी ग्रुप की मनमानी सहन नहीं करेंगे।

भूतपूर्व सैनिक परिवहन सभा बरमाणा के प्रधान जगन्नाथ शर्मा ने कहा कि कंपनी यदि स्थानीय लोगों का रोजगार छीनने की कोशिश करेगी तो ट्रक ऑपरेटर भी एकजुट होकर अपने हकों की लड़ाई लड़ेंगे। वीरवार को दाड़लाघाट में कार्यरत सभी ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभाओं से कोर कमेटी के सदस्यों ने सीपीएस व विधायक अर्की संजय अवस्थी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी मुलाकात की। इस दौरान ऑपरेटरों ने मुख्यमंत्री सुक्खू के समक्ष मालभाड़े विवाद के मसले को रखकर जल्द से जल्द विवाद को सुलझाने की मांग की है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें