निगम प्रबंधन और एचआरटीसी कर्मचारियों की बुधवार को हुई बैठक बेनतीजा रही।
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निगम प्रबंधन और एचआरटीसी कर्मचारियों की बुधवार को हुई बैठक बेनतीजा रही। एमडी ने यह बैठक 14-15 जून को होने वाली काम छोड़ो हड़ताल को वापस लेने के मकसद से बुलाई गई थी। कर्मचारियों ने बैठक में एमडी के समक्ष अपनी दो मुख्य मांगें रखी।
लेकिन निगम प्रबंधन की ओर से इन मांगों को पूरा करने पर असमर्थता जताने पर कर्मचारी बैठक छोड़कर चले गए। इसके तुरंत बाद ही कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति ने निगम प्रबंधन के समक्ष परिवहन निगम को रोडवेज और अन्य विभागों की तर्ज पर एचआरटीसी में भी अनुबंध कर्मचारियों को वेतनमान दिए जाने मांगें रखी हैं।
सर्व कर्मचारी महासंघ के महासचिव खमेंद्र गुप्ता और तकनीकी कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने बताया कि यह लड़ाई व्यक्ति विशेष को हानि पहुंचाने के लिए नहीं है, कर्मचारी अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।
अगर निगम प्रबंधन कर्मचारियों की मांगें नहीं मानता है तो 14 और 15 को हिमाचल में काम छोड़ हड़ताल होगी। चालक और परिचालक सड़क किनारे बसें खड़ी कर देंगे। दफ्तर में बैठे कर्मचारी भी अपना काम बंद रखेंगे। उन्होंने कहा कि अभी कर्मचारी दो दिन की हड़ताल कर रहे हैं, अगर निगम प्रबंधन फिर भी मांगें नहीं मानता है तो इसके तिथि बढ़ाई जाएगी।
मैं असमर्थ हूं
बैठक परिवहन निगम के एमडी ने बुलाई थी। इसमें एमडी ने संयुक्त समन्वय समिति के पदाधिकारियों को बताया कि वे उनकी मांगें पूरी करने में असमर्थ हैं। कर्मचारियों की समय-समय पर मांगें पूरी होती रही हैं।