हिमाचल में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों में मिलने वाली दवाइयों में अब कटौती होगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में वही दवाइयां मिलेंगी, जिन्हें कार्यकर्ता आसानी से पहचान कर लोगों को वितरित कर सकेंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग ने यह फैसला आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इन दवाइयों के वितरण में आ रही समस्याओं के चलते लिया है।
जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई केंद्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को दवाइयों के वितरण की पूरी जानकारी और ट्रेनिंग न होने से दवाइयों को मरीजों को देने में दिक्कतें आ रही थी। इस दौरान कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता यह नहीं समझ पा रहीं थी कि किस दवाई की कितनी मात्रा किस बीमारी में मरीजों को देनी है।
ऐसे में वे दवाइयों के वितरण में अकसर असहज महसूस करती थीं। इसके चलते धर्मशाला में कांगड़ा-चंबा की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने इस समस्या को अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण (एसजे एंड ई) निशा सिंह के समक्ष उठाया था।
ये दवाइयां होंगी आंगनबाड़ी केंद्रों में उपलब्ध
अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं सशक्तीकरण (एसजे एंड ई) निशा सिंह ने निदेशालय को निर्देश दिए हैं कि अब ऐसी दवाइयों के टेंडर बुलाए जाएं, जिन्हें आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आसानी से पढ़ सकें और बेझिझक उनका वितरण कर सकें। निशा सिंह ने निर्देश दिए हैं कि अब आंगनबाड़ी केंद्रों में थर्मामीटर, खांसी की दवाई, पैरासिटामोल, डायरिया की दवाई, बैंडेड और डेटॉल के अलावा मरहम पट्टी की दवाइयों को कार्यकर्ताओं को उपलब्ध करवाया जाए।