विपिन सिंह परमार ने कहा कि टेलीमेडिसिन योजना को राज्य के 50 और क्षेत्रों में आरंभ किया जाएगा। इसकी प्रक्त्रिस्या जारी है। उन्होंने कहा कि पांगी को शीघ्र ही लाहौल-स्पिति जिले की तर्ज पर टेलीमेडिसिन योजना से जोड़ा जा रहा है और इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
इससे दूरदराज के पांगी क्षेत्र के लोगों को घर-द्वार पर बेहतर उपचार सुविधा उपलब्ध होगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री आशीर्वाद योजना जुलाई माह के अंत तक लागू कर दी जाएगी। इसके अंतर्गत नवागंतुक बच्चों को 1500 रुपये की किट प्रदान की जाएगी, जिससे बच्चों को आरंभिक दिनों में आवश्यक
वस्तुएं उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्वास्थ्य भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी सुनिश्चित बनाएं और इसके लिये निर्माण एजेन्सियों से लगातार संपर्क रखें। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता।
अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य बीके अग्रवाल ने कहा कि विभाग में पैरामेडिक्स के पदों को भरने संबंधी सभी प्रकार की प्रक्त्रिस्या पूरी कर ली गई है और शीघ्र ही विभाग को यह स्टाफ उपलब्ध हो जाएगा।
इसी प्रकार, मेडिकल कालेजों के लिये प्राचार्यों के पदों को भी शीघ्र भरा जाएगा। उन्होंने अवगत करवाया कि मुख्यमंत्री सहायता कोष को प्रभावी बनाया जाएगा, ताकि मुख्यमंत्री की सोच को मुर्तरूप प्रदान किया जा सके।
बैठक में विशेष सचिव स्वास्थ्य डीसी नेगी, स्वास्थ्य निदेशक डा. बलदेव ठाकुर, निदेशक मेडिकल शिक्षा डा. अशोक शर्मा, निदेशक दंत चिकित्सा डा. अजय सिंह, संयुक्त निदेशक डा. सोनम सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।