मंगलवार को सोलन में हुए शपथ समारोह में भाजपा का कोई भी पार्षद नहीं पहुंचा। कांग्रेस ने अपने सभी पार्षदों को शपथ दिलाकर फिर से शोघी स्थित एक रिसॉर्ट में नजरबंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि यहां किसी भी बाहरी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं है।
हिमाचल प्रदेश के नगर निगम सोलन में बहुमत के बावजूद कांग्रेस के लिए अपना मेयर और डिप्टी मेयर बनाना किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। 16 अप्रैल तक पार्षदों की सदस्यता को लेकर जोड़-तोड़ शुरू हो गई है। कांग्रेस की जीती बाजी को पलटने के लिए भाजपा भी पूरी ताकत लगा रही है। भितरघात के डर से कांग्रेस ने अपने 9 पार्षदों को शिमला के समीप शोघी स्थित रिसॉर्ट में ठहराया है। बुधवार को खुफिया कर्मी इन पार्षदों को ढूंढते रहे।
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कोई कहे कि पार्षद शोघी के रिसॉर्ट में हैं जहां का उन्होंने फोटो भी शेयर किया है तो कोई कहे कि वे मशोबरा में हैं। यह पहेली ही बनी रही। सूत्रों के अनुसार सीएम कार्यालय के अधिकारी भी इसमें दिलचस्पी दिखाते रहे। पार्षद रिसॉर्ट के बाहर फोटो खिंचवाते रहे। मंगलवार को सोलन में हुए शपथ समारोह में भाजपा का कोई भी पार्षद नहीं पहुंचा। कांग्रेस ने अपने सभी पार्षदों को शपथ दिलाकर फिर से शोघी स्थित एक रिसॉर्ट में नजरबंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि यहां किसी भी बाहरी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं है।
कांग्रेस ने अपने सभी पार्षदों के एकजुट होने की बात कही है। भाजपा निर्दलीय प्रत्याशी समेत कांग्रेस का एक सदस्य अपने पाले में करने की जुगत में है। उधर, कांग्रेस के निगम चुनाव प्रभारी राजेंद्र राणा ने कहा कि नगर निगम में मेयर-डिप्टी मेयर कांग्रेस के ही बनेंगे जिस पर बैठकों का दौर जारी है। जल्द ही कोरम भी पूरा हो जाएगा। भाजपा के बड़े नेता कांग्रेस के विजयी पार्षदों को बहलाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि आने वाले दिनों में कांग्रेस के मेयर-डिप्टी मेयर निगम कार्यालय में अपनी कुर्सी संभालेंगे।