राजधानी शिमला को स्मार्ट सिटी बनाए जाने को केंद्र से हरी झंडी मिल जाने के बाद अब नगर निगम प्रशासन स्मार्ट सिटी के प्रारूप तथा योजना तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर चुका है। शुक्रवार को नगर निगम मेयर की अध्यक्षता में शहरी विकास विभाग में पार्षदों और विभागीय अधिकारियों के साथ हुई विशेष बैठक में प्लान तैयार करने की प्रक्रिया पर विस्तार से चरचा हुई।
इसमें मेयर संजय चौहान ने कहा कि स्मार्ट सिटी का प्लान तैयार करने में आम जनता से सुझाव लिए जाएंगे। इसके लिए सोशल मीडिया का भी सहयोग लिया जाएगा। मीडिया तथा आम लोगों के लिए वर्कशॉप जैसी गतिविधियां होंगी।
उन्होंने कहा कि प्लान को तैयार करने में तीस फीसदी तक आम जनता से आए सुझावों पर अमल होगा। 50 सालों में राजधानी तथा ऐतिहासिक शहर शिमला कैसा दिखे, यहां क्या बुनियादी सुविधाएं मिले, यह आम जनता ही अपने सुझाव के माध्यम से नगर निगम को दे सकती है, इसे मास्टर प्लान में शामिल किया जाएगा।
बैठक में मौजूद मेयर संजय चौहान, डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर और आयुक्त पंकज राय ने प्लान को तैयार करने के लिए निजी कंपनी/एनजीओ की सेवाएं लेने की बात भी कही। इस पर करीब दो करोड़ खर्च किया जाएगा। इस मौके पर स्मार्ट सिटी के इस प्लान को कैसे कंपनियां तैयार करेगी, इस पर प्रेजेंटेशन दी गई।
आयुक्त ने कहा कि अक्तूबर माह में स्मार्ट सिटी के प्लान को केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। इस मौके पर पार्षद शशि शेखर, अनुप वैद्य, संजय चौहान, शैलेंद्र चौहान, दीपक रोहाल, नरेंद्र ठाकुर, कन्याण चंद, उमा कौशल, मनोज कुठियाला, संजय परमार, उषा लखनपाल, अर्चना धवन, भारती सूद, लक्ष्मी कश्यप सहित पार्षद कांता स्याल भी मौजूद रही।