नगर निगम की नवंबर महीने की उपायुक्त दफ्तर के परिसर स्थित बचत भवन में हुई बैठक हंगामेदार रही। बैठक की अध्यक्षता महापौर संजय चौहान ने की। पार्षदों ने प्राथमिकताओं की अनदेखी होने पर विरोध जताया। पार्षदों ने एक सुर में कहा कि कई कार्यों के टेंडर अवार्ड नहीं हो रहे हैं, जहां टेंडर अवार्ड हुए हैं वहां ठेकेदार काम शुरू नहीं कर रहे।
विकास कार्य ठप होने से लोगों को जवाब देना मुश्किल हो गया है। इस पर आयुक्त पंकज राय ने सदन को आश्वस्त करते हुए कहा कि जल्द ही तीन-तीन वार्डों की बैठकें की जाएंगी इन बैठकों में स्थानीय पार्षदों और अफसरों को बुलाया जाएगा।
पार्षद शैलेंद्र चौहान, कांता स्याल, रजनी सिंह, सुशांत कपरेट, कुलदीप ठाकुर, नरेंद्र ठाकुर, प्रवीण कुमार, इंद्रजीत सिंह, संजय परमार, उमा कौशल और उषा लखनपाल ने कहा कि लंबे समय से भवन एवं मार्ग शाखा, जल एवं सीवरेज शाखा के काम नहीं हो रहे। संबंधित अफसर पार्षद प्राथमिकता के बाबत कोई संतोषजनक जवाब नहीं देते। आफिस शिफ्ट होेने के दौरान फाइलों के गुम होने की बात कही जा रही है। इस पर मेयर ने निगम अफसरों को फटकार लगाते हुए पार्षद प्राथमिकताओं को जल्द पूरा करने के आदेश दिए।
विद्युत बोर्ड पर फर्जीवाड़ा करने का आरोप
नगर निगम सदन में बिजली बोर्ड पर स्ट्रीट लाइटें लगाने के मामले में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगा है। बिना स्ट्रीट लाइटें लगाए पैसा वसूलने का पार्षदों ने बोर्ड पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षदों ने कहा कि उनकी अनदेखी कर बोर्ड कर्मी मनमर्जी से प्वाइंट लगा रहे हैं। ठीक लाइटों को बदल कर गायब भी किया जा रहा है।
पार्षद संजय परमार ने कहा कि बालूगंज में बिजली बोर्ड को जितने प्वाइंट लगाने के लिए पैसा जारी किया था उतने प्वाइंट नहीं लगाए गए। जिस जगह प्वाइंट बदले गए वहां पहले से लाइटें दुरुस्त थीं। चालू लाइटों को कहां रखा है, इसका भी कोई जवाब नहीं दे रहा है। पार्षद कल्याण चंद धीमान ने कहा कि जिन जगहों में उन्होंने बिजली बोर्ड को लाइटें लगाने के लिए कहा था वहां कोई लाइट नहीं लगी। बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने अपनी मनमर्जी से अन्य स्थानों पर ही लाइटें लगा दीं।
बैठक में विद्युत बोर्ड के उच्च अधिकारियों के नहीं आने पर महापौर संजय चौहान ने कड़ा संज्ञान लिया। महापौर ने कहा है कि आगामी बैठकों में बिजली बोर्ड के अधिशासी अभियंता या अधीक्षण अभियंता स्तर के अफसरों को आना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो राज्य सरकार से इसकी शिकायत की जाएगी। महापौर ने बैठक में मौजूद बिजली बोर्ड के सहायक अभियंता को बिना कोई दस्तावेज के आने पर लताड़ भी लगाई।
पार्किंग न मिलने पर उलझे मेयर: पार्षद
पार्षद शैलेंद्र चौहान, सुशांत कपरेट और नरेंद्र ठाकुर ने गाड़ियों के परमिट होने के बावजूद पार्किंग न मिलने पर विरोध जताया। सुशांत कपरेट ने उग्र होते हुए महापौर पर कटाक्ष किया। इस पर महापौर बिफर उठे। दोनों के बीच बहस भी हुई। पार्षदों ने कहा जब पार्किंग नहीं मिलनी है तो परमिट वापस लेने चाहिए। पार्षदों ने आकलैंड टनल में पार्किंग की मांग की।
आयुक्त ने रोकी 14 प्वाइंट्स की पेमेंट
आयुक्त पंकज राय ने बताया कि बीते दिनों बालूगंज में 14 प्वाइंट लगाने की एवज में पेमेंट करने की फाइल उनके पास आई थी। उन्हें फाइल में लिखा ब्यौरा सही नहीं लगा। इसके चलते पेमेंट रोक दी है। मौका निरीक्षण करने के बाद ही पेमेंट की जाएगी।
दौरा करने के बाद जारी होगी राशि
निगम सदन में प्रस्ताव पारित किया कि भविष्य में स्ट्रीट लाइट लगाने से पहले निगम कर्मी और पार्षद बिजली बोर्ड कर्मी के साथ मौका का निरीक्षण करेंगे। समस्या दूर होने के बाद दोबारा से निरीक्षण होगा। सभी लोग अगर इससे सहमत हुए तभी पेमेंट की जाएगी।