शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा है लेकिन भाजपा पार्षद इस मुद्दे पर कुछ बोलने को तैयार नहीं। सदन में ये सभी मौन बैठे रहे। कच्चीघाटी से भाजपा पार्षद संजय परमार को छोड़कर किसी ने जनता की समस्या पर आवाज उठाने की हिम्मत नहीं दिखाई। पार्षद ने पानी न मिलने पर इस्तीफा देने की बात कही। वहीं, नारेबाजी कर रहे विपक्षी पार्षद बाकी भाजपा पार्षदों की चुप्पी पर हैरान थे।
कांग्रेसी पार्षद दिवाकर शर्मा, अर्चना धवन, राकेश चौहान, मीरा शर्मा ने भाजपा पार्षदों को पेयजल संकट का मुद्दा उठाने के लिए एकजुट होने को कहा लेकिन पार्षद अपनी सीट पर जमे रहे। विपक्षी पार्षदों ने कहा कि जो पार्षद पार्टी के दबाव में जनता की आवाज नहीं उठा रहे, उन्हें पार्षद पद पर रहने का अधिकार नहीं। वहीं, सदन स्थगित होने के बाद सभी भाजपा पार्षद डिप्टी मेयर के पीछे चल दिए। सदन में चर्चा की बजाय इन्होंने सचिवालय में बैठक की।
अविश्वास प्रस्ताव पर 17 पार्षद सहमत
महापौर की गैरमौजूदगी में उनके खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की कांग्रेस की तैयारियां धरी रह गई। हालांकि, प्रस्ताव पर 17 पार्षदों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा के बाकी दो पार्षद भी तैयार हैं और मेयर के शिमला पहुंचने पर उन्हें नोटिस दिया जाएगा। नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले नोटिस देने के लिए 18 पार्षदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं।
कांग्रेसी पार्षदों ने पूछा कहां जा रहा पानी
पार्षद आनंद कौशल ने कहा कि कई जगह टैंकर नहीं पहुंच रहेे। वहां लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। माकपा पार्षद शैली शर्मा ने कहा कि जब तक माकपा पर दर्ज केस वापस नहीं लिया गया तब तक हाउस नहीं चलने देंगी। पार्षद सुषमा कुठियाला बोलीं कि निगम के कर्मचारी फोन नहीं उठा रहे, किसे शिकायत करें। पार्षद दिवाकर शर्मा, कुसुमलता ठाकुर, रचना, इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आठवें दिन भी दो बाल्टी पानी मिल रहा है।
पानी का मुद्दा उठा तो खामोश हो गए भाजपा पार्षद
शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा है लेकिन भाजपा पार्षद इस मुद्दे पर कुछ बोलने को तैयार नहीं। सदन में ये सभी मौन बैठे रहे। कच्चीघाटी से भाजपा पार्षद संजय परमार को छोड़कर किसी ने जनता की समस्या पर आवाज उठाने की हिम्मत नहीं दिखाई। पार्षद ने पानी न मिलने पर इस्तीफा देने की बात कही। वहीं, नारेबाजी कर रहे विपक्षी पार्षद बाकी भाजपा पार्षदों की चुप्पी पर हैरान थे।
कांग्रेसी पार्षद दिवाकर शर्मा, अर्चना धवन, राकेश चौहान, मीरा शर्मा ने भाजपा पार्षदों को पेयजल संकट का मुद्दा उठाने के लिए एकजुट होने को कहा लेकिन पार्षद अपनी सीट पर जमे रहे। विपक्षी पार्षदों ने कहा कि जो पार्षद पार्टी के दबाव में जनता की आवाज नहीं उठा रहे, उन्हें पार्षद पद पर रहने का अधिकार नहीं। वहीं, सदन स्थगित होने के बाद सभी भाजपा पार्षद डिप्टी मेयर के पीछे चल दिए। सदन में चर्चा की बजाय इन्होंने सचिवालय में बैठक की।
अविश्वास प्रस्ताव पर 17 पार्षद सहमत
महापौर की गैरमौजूदगी में उनके खिलाफ सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने की कांग्रेस की तैयारियां धरी रह गई। हालांकि, प्रस्ताव पर 17 पार्षदों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। कांग्रेस का दावा है कि भाजपा के बाकी दो पार्षद भी तैयार हैं और मेयर के शिमला पहुंचने पर उन्हें नोटिस दिया जाएगा। नियमानुसार अविश्वास प्रस्ताव लाने से पहले नोटिस देने के लिए 18 पार्षदों के हस्ताक्षर जरूरी हैं।
कांग्रेसी पार्षदों ने पूछा कहां जा रहा पानी
पार्षद आनंद कौशल ने कहा कि कई जगह टैंकर नहीं पहुंच रहेे। वहां लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। माकपा पार्षद शैली शर्मा ने कहा कि जब तक माकपा पर दर्ज केस वापस नहीं लिया गया तब तक हाउस नहीं चलने देंगी। पार्षद सुषमा कुठियाला बोलीं कि निगम के कर्मचारी फोन नहीं उठा रहे, किसे शिकायत करें। पार्षद दिवाकर शर्मा, कुसुमलता ठाकुर, रचना, इंद्रजीत सिंह ने कहा कि आठवें दिन भी दो बाल्टी पानी मिल रहा है।