मेयर की सरकारी गाड़ी पर डिप्टी मेयर ने कब्जा कर लिया है। डिप्टी मेयर सरकारी गाड़ी के लिए अधिकृत नहीं हैं। केवल मेयर को गाड़ी मिलने का प्रावधान है। आरोप हैं कि डिप्टी मेयर राकेश शर्मा नियमों को ताक पर रखकर सरकारी गाड़ी का धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं।
उन पर आरोप हैं कि मेयर की सरकारी गाड़ी को रात के समय पंथाघाटी स्थित घर के बाहर पार्क करवा देते हैं और बाकायदा गाड़ी के इर्द गिर्द बैरिकेड्स भी लगा दिए जाते हैं।
नगर निगम की ओर से मेयर की सरकारी गाड़ी को डिप्टी मेयर के घर के बाहर पार्क करने के लिए अधिसूचित भी नहीं किया गया है। लिहाजा नियम कहते हैं कि यहां सरकारी गाड़ी पार्क हो ही नहीं सकती।
ऐसे में अगर मेयर का ड्राइवर वहां पर सरकारी गाड़ी खड़ी करता है तो उस पर भी सवाल उठना लाजमी है कि यह सब किसके इशारे पर हो रहा है।
डिप्टी मेयर पर सरकारी गाड़ी को इस्तेमाल करने के आरोपों को खंगालने के लिए जब अमर उजाला टीम सुबह पंथाघाटी पहुंची। तो कैमरे में डिप्टी मेयर को मेयर की गाड़ी में बैठने की तस्वीर कैद हो गई।
हालांकि बाद में उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि वह सरकारी कार्यक्रम में जा रहे थे। उधर, महापौर ने इस पूरे मामले से खुद को अनजान बताया। उन्हें मालूम ही नहीं है कि उनकी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल डिप्टी मेयर ने किया है।
इस पूरे प्रकरण पर अमर उजाला ने डिप्टी मेयर राकेश शर्मा से सीधे सवाल कर उनका पक्ष जाना।
सवाल - आप सरकारी गाड़ी के लिए अधिकृत नहीं हैं बावजूद इसके मेयर की सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नियम के खिलाफ क्यों कर रहे हैं?
जवाब - यह बात सही है कि मैंने मेयर की सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल किया है लेकिन सिर्फ दो बार इस गाड़ी को लेकर सरकारी कार्यक्रमों में गया हूं।
सवाल - आरोप हैं कि मेयर की सरकारी गाड़ी रोजाना रात को आप की दुकान के बाहर खड़ी होती है और इसका आप इस्तेमाल करते हैं?
जवाब - मेयर की गाड़ी का ड्राइवर पंथाघाटी में रहता है और वह शाम को गाड़ी यहीं खड़ी कर देता है यह कहना गलत है कि मैंने कभी इस गाड़ी का निजी हित के लिए इस्तेमाल किया हो।
सवाल - क्या आपको नहीं लगता कि यह जनता के पैसों का दुरुपयोग है?
जवाब - मैंने केवल दो बार इस सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल किया है इस दौरान जो भी गाड़ी का खर्चा बनता है वह देने के लिए बिल्कुल तैयार हूं। ऐसा नहीं है कि मुझे सरकारी गाड़ी का मोह है मैं तो बस में सफर करने का आदमी हूं।
मुझे जानकारी नहीं: सदरेट
नगर निगम की महापौर कुसुम सदरेट का कहना है कि उन्हें इस बात की बिल्कुल जानकारी नहीं है कि उप महापौर उनकी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मामले की जानकारी लेंगे: नेगी
नगर निगम आयुक्त जीसी नेगी ने कहा कि संभव है कि मेयर की स्वीकृति से डिप्टी मेयर ने उनकी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल किया हो। इस मामले की पूरी जानकारी लेने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
पूर्व डिप्टी मेयर पर भी उठ चुके हैं सवाल
नगर निगम की सरकारी गाड़ी के इस्तेमाल के आरोप में पहले भी पूर्व डिप्टी मेयर टिकेंद्र पंवर फंस चुके हैं। राज्य सरकार इस मामले में जांच बिठा चुकी है।
नगर निगम एक्ट के मुताबिक डिप्टी मेयर बिना सरकारी टूअर सरकारी गाड़ी की सवारी करने के लिए अधिकृत नहीं है। मौजूदा समय में यह जांच अंतिम चरण में है। जांच रिपोर्ट के आधार पर क्या कार्रवाई होगी इसका खुलासा आने वाले दिनों में हो जाएगा।