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एमसी ऑफिस में एक छत के नीचे मिलेंगी सारी सुविधाएं

Tue, 16 Jun 2015 11:48 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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नगर निगम दफ्तर में छोटे से छोटे से काम के लिए विभिन्न शाखाओं के चक्कर काटने से शहर की जनता को छुटकारा मिलने वाला है। 23 जून से उपायुक्त दफ्तर के परिसर में निगम सुविधा केंद्र खुलने जा रहा है। सुगम केंद्र की तर्ज पर खुलने जा रहे काउंटर में आवेदन करने वाले लोगों को उनके हर काम के स्टेटस का एसएमएस भेजा जाएगा।
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पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट के तहत निगम सुविधा केंद्र की मानीटरिंग की जाएगी। विभिन्न शाखाओं से संबंधित काम के लिए आवेदन करने वाले, शिकायत करने वालों को सुविधा केंद्र में डायरी नंबर दिया जाएगा। जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण के लिए भी केंद्र में ही आवेदन करना होगा। सुविधा केंद्र के निर्माण का कार्य इन दिनों जोरों से चल रहा है। केंद्र में पानी और प्रापर्टी टैक्स सहित अन्य बिल जमा करवाने की सुविधा नहीं मिलेगी।

अधिकारी को भी जाएगा एसएमएस- जिस शाखा के काम के लिए किसी व्यक्ति ने आवेदन किया होगा, उस शाखा के अधिकारी को भी एसएमएस से स्टेटस की जानकारी दी जाएगी। काम करने के लिए कितने दिन शेष रह गए है, इस जानकारी से अधिकारी को अपडेट किया जाएगा।
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लाभान्वित होगी शहर की जनता- नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रशांत सरकेक ने बताया है कि उपायुक्त दफ्तर के परिसर में स्थित नगर निगम के भवन की धरातल मंजिल पर सुविधा केंद्र खोला जाएगा। यहां तीन से पांच काउंटर खुलेंगे। लोगों को सुविधा देने के लिए सिटीजन फ्रैंडली काउंटर खोलने का फैसला लिया है। एपी शाखा, जल शाखा, स्वास्थ्य शाखा सहित अन्य शाखाओं के कामकाज की सुविधा केंद्र के माध्यम से पब्लिक सर्विस गारंटी एक्ट में मानीटरिंग की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी करने वाले दस्तावेजों को भी स्वीकार किया जाएगा।

मर्ज एरिया का प्रापर्टी टैक्स देने से इंकार- उपनगरीय जन कल्याण समन्वय समिति प्रापर्टी टैक्स के विरोध में असहयोग आंदोलन शुरू करेगी। मंगलवार को कालीबाड़ी हॉल में समिति ने बैठक बुलाई है। बैठक में शहर की जनता को आमंत्रित किया है। समिति ने नगर निगम की ओर से सुझाए गए सेल्फ असेसमेंट के तरीके को भवन मालिकों को फंसाने की साजिश करार दिया है।

समिति ने मर्ज एरिया को नगर निगम से बाहर करने की भी मांग उठाई है। समिति के अध्यक्ष चंद्रपाल मेहता ने कहा कि नगर निगम के इस फैसले के खिलाफ असहयोग आंदोलन चलाया जाएगा। वार्डों और मुहल्लों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। कहा कि मर्ज एरिया में भवनों को नियमित किए बिना और मूलभूत सुविधाएं प्रदान किए बिना सरकार और नगर निगम को टैक्स वसूलने का कोई हक नहीं।

मर्ज एरिया को सरकार ने पहले भी मनमाने ढंग से नगर निगम में मिलाया और अब जबरन उसकी जनता पर बोझ डाल रही है। समिति ने मर्ज एरिया (मल्याणा, चम्याणा, ढली, कसुम्पटी, पटयोग, विकासनगर और टुटू) को नगर निगम से बाहर करने की मांग की है। कहा कि सरकार चाहे तो इसका स्तर नगर पंचायत का किया जा सकता है। अभी तक इस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं तक मुहैया नहीं करवाई गई हैं।
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